संबंधों में रोड़ा बन रहे पति को अपने दो आशिकों के साथ मिलकर पत्नी ने ही मौत के घाट उतार दिया था। किसी को भनक न लगे, इसलिए तीनों ने मिलकर जल्दबाजी में शव को खुर्दबुर्द करने की कोशिश भी की। आखिरकार एक रिश्तेदार की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना डाबा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
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ज्वाइंट कमिश्नर ग्रामीण डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि गिल रोड निवासी संदीप कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी। मृतक राम लगन शिकायतकर्त्ता की बुआ का बेटा था। संदीप ने पुलिस को बताया था कि 20 सितंबर से राम लगन गुम हो गया है। वह अपने स्तर पर उसकी तलाश करते गांव जसपाल बांगर की तरफ जा रहे थे। लोहारा पुल से कुछ दूरी पर नहर के किनारे एक चप्पल पड़ी थी। उसकी भाभी मनीषा ने पहचान कर बताया कि यह राम लगन की है। आसपास तलाश करने पर खेत में एक शव बरामद हुआ। शव काफी सड़ चुका था।
पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया था। शिकायतकर्ता को शक था कि राम लगन की हत्या की गई है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि मृतक की पत्नी मनीषा के रमेश कुमार और अशरफ अंसारी से संबंध हैं। लगभग सात माह पहले मनीषा अपने बच्चों को लेकर आरोपी रमेश कुमार के घर रहने चली गई थी। इस बात का पता चलने पर मृतक और मनीषा में विवाद रहने लगा था।
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20 सिंतबर को आरोपी रमेश और अंसारी ने मृतक राम लगन को जमकर शराब पिलाई। रात लगभग आठ बजे उसे नहर पर लगे गए। वहां चाकू से गोद कर उसकी हत्या कर दी, उसकी साइकिल को नहर में फेंक दिया। इस हत्या के बारे में मनीषा को सब कुछ पता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।