पंजाब के लुधियाना के गांव जांगपुर रविवार को गोलियों की आवाज से गूंज उठा। जमीन विवाद और रुपयों के लेनदेन में छोटे भाई शेर सिंह ने अपने बड़े भाई अमरीक सिंह पर कई राउंड फायरिंग की। गोली लगने से अमरीक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी शेर सिंह खेतों में काम कर रहे अपने चचेरे भाई हाकम सिंह को मारने पहुंचा। शेर सिंह ने हाकम सिंह पर सीधा फायर किया जो उसके गाल और कान को छू कर निकल गया।
हाकम सिंह ने घायल होने के बावजूद दिलेरी से काम लिया और शेर सिंह पर टूट पड़ा। इस दौरान शेर सिंह के हाथ से पिस्तौल भी गिर गई। हाकम ने शेर सिंह को मजबूती से पकड़ लिया। तब तक कुछ अन्य ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। दाखा पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा है।
शेर सिंह का इरादा दोनों का कत्ल कर फरार होने का था। कपड़ों से भरा बैग भी आरोपी ने अपने साथ ले रखा था। जानकारी के मुताबिक अमरीक सिंह सुबह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने गया था। भाई होने के कारण शेर सिंह को अमरीक की रोजाना की गतिविधि के बारे में पूरी जानकारी थी।
अमरीक जब गुरुद्वारा साहिब से माथा टेकने के उपरांत वापस जा रहा था तो रास्ते में घात लगाकर इंतज़ार कर रहे शेर सिंह ने उसके घर के अंदर दाखिल होने से पहले ही पिस्तौल से फायरिंग शुरू कर दी। अमरीक सिंह को मरा हुआ समझ शेर सिंह अपने चचेरे भाई हाकम सिंह को मारने के लिए खेतों की तरफ चला गया।
कुछ ग्रामीणों ने अंदेशा होने पर आरोपी का पीछा किया। लेकिन हाकम सिंह की दिलेरी के कारण शेर सिंह का मंसूबा कामयाब नहीं हो सका और वो पकड़ा गया। थाना दाखा के प्रभारी जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों घायलों को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल दोनों खतरे से बाहर हैं।