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पंजाब में बड़ा हादसा : लुधियाना में फैक्टरी की इमारत ढही, चार की मौत, 40 घायल, एनडीआरएफ रेस्क्यू में जुटी

Tue, 06 Apr 2021 12:31 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)

सार

  • बीते पांच दिन से 40 जैक के सहारे चल रहा था फैक्टरी की दूसरी मंजिल उठाने का काम
  • सुबह चार बजे शुरू किया काम, लगभग 10 बजे अंतिम चरण का काम पूरा करते वक्त हुआ हादसा
  • एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें बचाव में जुटीं
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लुधियाना में हादसे के बाद मौके पर जुटे एनडीआरएफ कर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लुधियाना के बाबा मुकंद सिंह नगर में सोमवार सुबह ऑटो पार्ट्स की दो मंजिला फैक्टरी जैक के सहारे लेंटर उठाते समय भरभराकर गिर गई। इस हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई जबकि 40 जख्मी हो गए। इनमें सात की हालत गंभीर है। अभी मलबे में छह मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने का काम जारी है। पुलिस ने फैक्टरी मालिक जसविंदर सिंह और लेंटर उठाने वाले ठेकेदार मोहम्मद हारून के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी फरार हैं। 

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जानकारी के अनुसार मुकंद सिंह नगर में जसमेल सिंह एंड संस की ऑटो पार्ट्स की पुरानी फैक्टरी है। पांच दिन से फैक्टरी की दूसरी मंजिल के लेंटर को 40 जैकों के सहारे ऊपर उठाने का काम चल रहा था। सोमवार सुबह चार बजे से 40 से अधिक मजदूर काम में जुटे थे। सुबह लगभग दस बजे फैक्टरी की पहली मंजिल की छत गिर गई। इससे 15 साल पुरानी पूरी इमारत ही ढह गई। इससे सभी मजदूर मलबे में दब गए। 

मलबे से 44 मजदूरों को निकाला गया। इनमें से चार की मौत हो चुकी थी। तीन मृतकों की पहचान बिहार निवासी मोहम्मद मुस्तकीन (40), सागर कुमार (45), इम्तियाज और पिचू के रूप में हुई है। घायलों में पास की फैक्टरी में काम करने वाले तीन मजदूर भी शामिल हैं, जहां इमारत का मलबा गिरा था। हादसे में एक टैंपो चालक चालक परमिंदर सिंह भी घायल हो गया। उसका टैंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। नगर निगम से इस लेंटर को उठाने की अनुमति नहीं ली गई थी। 
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हादसे की जानकारी मिलते ही डीसी वरिंदर शर्मा और पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान राहत बचाव की टीम एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी नहीं है कि कितने लोग काम कर रहे थे और कितने लोग मलबे में फंसे हैं।

सीएम ने दिया जांच का आदेश 
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दे दिया है। डिविजनल कमिश्नर पटियाला को जांच जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही सीएम ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये मुआवजा देने और घायलों का मुफ्त इलाज करने का आदेश दिया है। 

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भाई शमशूल अंदर दबा हुआ है : मुजाहिद

हादसे के बाद मलबे से निकाले गए मुजाहिद ने बताया कि उसका भाई शमशूल अभी अंदर दबा हुआ है। वह लेंटर उठाने का काम करते हैं। सोमवार को सुबह चार बजे जैक के जरिये लेंटर को ऊपर उठाया जा रहा था। अचानक पहली मंजिल की छत गिर गई। वह किनारे पर था, इसलिए थोड़ा मलबा ही उस पर गिरा और लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया। वहीं मलबे से निकले जिबरैल और मोहम्मद ने रोते हुए बताया कि वह पूरी तरह घबराए हुए हैं, क्योंकि किसी तरह मौत से बचकर निकले हैं। सुबह के वक्त चालीस से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। अभी कुछ और अंदर फंसे हैं, जिन्हें निकाला जाना है। 

प्रशासन को भी पुख्ता जानकारी नहीं है कि कितने लोग काम कर रहे थे और कितने मलबे में फंसे हैं। एनडीआरएफ की टीमें मलबा हटाकर फंसे हुए लोगों की तलाश कर रही हैं। सभी टीमें तेजी से काम कर रही हैं। इस मामले में फैक्टरी मालिक और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्जकर लिया है। - वरिंदर शर्मा, डीसी लुधियाना।

यह इमारत लगभग 15 साल पुरानी है। उस समय इसका नक्शा पास हुआ था या नहीं, इसकी जांच चल रही है। किसी भी इमारत की छत बदलने के लिए नगर निगम से परमिशन लेना जरूरी है लेकिन इमारत के मालिक जसविंदर सिंह ने किसी तरह की परमिशन नहीं ली थी। -सतीश कुमार, असिस्टेंट टाउन प्लानर, नगर निगम, लुधियाना।
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