ऐसे हुआ था खुलासा
गांव जंडी में बुधवार को हरजिंदर सिंह ने दोपहर तक अपने घर का दरवाजा नहीं खोला। पड़ोसियों ने इस बारे में उसके भाई जगराज सिंह को सूचना दी। मौके पर अपने बेटे कुलजिंदर सिंह के साथ पहुंचे जगराज सिंह ने काफी देर तक गेट खटखटाया, लेकिन जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो कुलजिंदर सिंह दीवार फांदकर अंदर गया। अंदर का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि हरजिंदर सिंह कमरे में बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा था।
इसके बाद उसने अंदर से दरवाजा खोलकर अपने पिता, गांव वालों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और जगराज सिंह की शिकायत के आधार पर जसकरन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
जमीन के विवाद ने ली जान
शिकायतकर्ता जगराज सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह दो भाई और दो बहनें हैं। उसका भाई हरजिंदर सिंह उर्फ शक्ति अलग रहता था। उसकी पहली पत्नी सरबजीत कौर की 2003 में मौत हो गई थी, जिससे उसका एक बेटा हरकमल सिंह है, जो करीब तीन साल से कनाडा में रह रहा है।
पहली पत्नी की मौत के एक साल बाद हरजिंदर सिंह ने मोगा के कोकरी कलां की रहने वाली तरनजीत कौर से दूसरी शादी कर ली थी। इस शादी से उनका एक बेटा जसकरन सिंह हुआ। बताया गया है कि हरजिंदर सिंह और तरनजीत कौर के बीच जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। हरजिंदर सिंह कई बार अपने भाई को बता चुका था कि उसे डर है कि जसकरन सिंह उसे किसी दिन नुकसान पहुंचा सकता है।
पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी में बड़ा हिस्सा पाने की लालच में जसकरन सिंह ने अपने दोस्तों और मां के साथ मिलकर यह खौफनाक साजिश रची और अपने ही पिता की हत्या कर दी।