माछीवाड़ा एनकाउंटर मामले में वीरवार को करीब 18 युवकों ने गवाही देने आए एक युवक के अपहरण की कोशिश की। सभी आरोपी हथियारों से लैस थे और उनमें से दो ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। हथियारबंद युवकों की इस दबंगई से पूरे कचहरी परिसर में हंगामा मच गया।
हथियारबंद युवक वकील पंकज सूरी के केबिन में गवाह को देख रहे थे। इसी दौरान एडवोकेट पंकज सूरी वहां पहुंचे और उन्होंने आरोपियों को वहां से भगाया। वीरवार को इस मामले में बलजीत बन्नी के बयान दर्ज होने थे। आरोपी उसे धमकियां देने आए थे। पंकज सूरी ने पुलिस को शिकायत दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंकज सूरी के अनुसार पिछले साल माछीवाड़ा पुलिस ने कुछ लोगों के साथ मिल कर बोहापुर के रहने वाले भाई जतिंदर सिंह और हरिंदर सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में बलजीत बन्नी चश्मदीद गवाह था। वीरवार को अदालत में उसके बयान रिकार्ड होने थे। वीरवार सुबह बन्नी पंकज सूरी के केबिन में पहुंचा। पंकज अपने केबिन में नहीं था तो बन्नी वहीं पर बैठ गया। इसी दौरान हथियारों से लैस युवक बलजीत को ढूंढते हुए पंकज सूरी के केबिन तक पहुंच गए। इसी दौरान पंकज सूरी अपने साथी के साथ वहां पहुंच गए। जब उन्हें पता चला कि हथियारबंद युवक बलजीत को ढूंढ रहे है तो पंकज ने उनका विरोध किया।
हथियारबंद युवकों ने पंकज को भी धमकियां दी कि वह आरोपियों की स्टेटमेंट रिकार्ड न कराए और न ही बलजीत की गवाही दर्ज कराए। इस दौरान आरोपी भागने लगे तो पंकज ने उनका पीछा किया। शोर सुनकर सभी वकील वहां इकट्ठा हो गए, मगर आरोपी वहां से फरार हो गए। पंकज ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पंकज के मुताबिक उन्होंने बाद में एडिशनल सेशन जज संजीव जोशी की अदालत में गवाह बलजीत सिंह के बयान रिकार्ड करवाए और अदालत को सामने सारी बात भी रख दी।
पंकज ने कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत चौकी कोर्ट कांप्लेक्स में दर्ज करवा दी है। इस मामले में थाना डिवीजन पांच के एसएचओ इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने कहा कि न तो पुलिस के ध्यान में कोई मामला आया है और न ही किसी ने अभी तक पुलिस के पास कोई शिकायत की है। पुलिस के पास शिकायत आएगी तो उसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।