बठिंडा-गोनियाना रोड पर स्थित पैनसूला मॉल में काम करने वाले दो युवकों ने थाना थर्मल से हाल ही में बदली हुए एएसआई जगजीत सिंह समेत चार पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार उन्होंने पुलिस कर्मियों को मुफ्त में फिल्म नहीं दिखाई तो उन पर झूठा नशा तस्करी का केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
जेल से बाहर आते ही दोनों युवाओं ने अपने वकील के जरिये उक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में पहुंच की। वहां पर अदालत ने पंजाब सरकार को उक्त मामले के बारे में नोटिस भेजा है।
युवक खुशविंदर सिंह और मुनीष सिंह के वकील विकास कुमार ने बताया कि बीतेे साल दिसंबर माह में एएसआई जगजीत सिंह अपने साथी पुलिस कर्मी दोस्तों के साथ फिल्म देखने के लिए मॉल में आया था। उन्होंने बताया कि वहां पर उसने युवकों को निशुल्क फिल्म दिखाने को कहा, लेकिन उन्होंने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया।
वकील ने बताया कि इसके बाद एएसआई उन्हें धमकियां देता हुआ मॉल से चला गया था। इस घटना के 10-15 दिनों के बाद 23 दिसंबर की देर रात्रि को एएसआई जगजीत सिंह, हेड कांस्टेबल सिकंदर सिंह, कांस्टेबल जसपाल सिंह और पुलिस कर्मी प्रदीप सिंह मॉल में आकर युवकों को गिरफ्तार कर ले गए।
इसके बाद अगले दिन युवकों को पता चला कि उक्त पुलिस वालों ने उन पर नशा तस्करी का केस दर्ज किया है। इसमें पुलिस ने बताया है कि उक्त दोनों युवकों को नशे समेत नाकाबंदी कर पकड़ा है, लेकिन वह तो माल में थे। वहां से उन्हें उक्त पुलिस कर्मी लेकर गए थे। इस बारे में युवकों के साथी कर्मियों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी शपथपत्र दिए हैं।
वकील ने बताया कि युवक खुशविंदर सिंह 25 मई और युवक मुनीष सिंह 2 जून को जमानत पर बाहर आए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के वकील रोहित कुमार के जरिये अदालत में पुलिस वालों के खिलाफ एक याचिका दायर की। अदालत ने इस मामले के बारे में पंजाब सरकार को नोटिस कर 20 जुलाई को जवाब मांगा है।
वहीं इस मामले के बारे में जब एएसआई जगजीत सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए उनके साथ संपर्क करना चाहा तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। एसएसपी स्वपन शर्मा ने कहा कि शिकायत मिलने पर वह मामले की जांच करवाएंगे।