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पुलिस वालों ने हमारी बेटी को मारा

Thu, 26 May 2016 09:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
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police - फोटो : Bureau
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बालियांवाली थाने में एक युवती की ओर से खुदकुशी के मामले मेें नया मोड़ आ गया है। युवती की माता मलकीत कौर और पिता सुखपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि पुलिस वालों ने उसे मारा है।
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इसको लेकर वे अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ वीरवार को डीआईजी रघुवीर सिंह खटड़ा को मिले। डीआईजी ने उक्त मामले की जांच के लिए शिकायत को एसएसपी बठिंडा को मार्क कर दिया। उन्हाेंने इस मामले की जांच के लिए एसपी (एच) और एसपी (डी) की ड्यूटी लगा दी है।

युवती जसवीर कौर की माता मलकीत कौर ने बताया कि 21 मई को जब वह गांव कोटडा कोडा पहुंची थी तो उनकी बेटी से गांव के सरपंच पाला सिंह के घर में पूछताछ की जा रही थी। जब उनकी बेटी ने गुम हुई लड़की के बारे में कुछ भी न पता होने के बारे में कहा तो सरपंच व अन्य गांव वाले जसवीर को थाना बालियांवाली ले गए। वहां पर वह भी अपनी बेटी के साथ गई थी।
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युवती की माता ने बताया कि करीब 11 बजे उसकी बेटी को महिला पुलिस कर्मी थाने में बने एक कमरे में पूछताछ के लिए ले गए, जहां पर पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया। हालांकि सरपंच दो तीन बार उक्त कमरे में आ जा चुका था। युवती की माता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दिन उनकी बेटी को पुलिस ने कमरे में पीटा था, जिसके चलते वह दर्द से कराह रही थी।

इसी दौरान वह थाने के शौचालय में चली गई, लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस ने उन्हें बताया कि उसकी बेटी ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली है। युवती की माता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी ने खुदकुशी नहीं की बल्कि उसको पुलिस ने मारा है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच किसी निष्पक्ष पुलिस अफसर से करवाई जाए।

युवती के परिजनों ने कहा कि अगर उन्हें बठिंडा पुलिस अधिकारियों ने इंसाफ न दिया तो वे अदालत तक जाने से गुरेज नहीं करेंगे। इस बारे में एसपी (डी) बिक्रम सिंह और एसपी (एच) डॉ. नानक सिंह का कहना था कि अभी उनके पास उक्त मामले के बारे में कोई शिकायत नहीं आई है। जब आएगी वह निष्पक्ष जांच करेंगे।
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