पंजाब के लुधियाना में शहर के सबसे व्यस्त एरिया समराला चौक के पास बुधवार की रात को अज्ञात लोगों ने एक क्रेटा गाड़ी का शीशा तोड़कर पीछे सीट पर रखा 58 लाख रुपये की नकदी से भरा बैग चोरी कर लिया। चोर कुछ ही समय में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए और किसी को इस बारे में पता तक नहीं चला।
गाड़ी चंडीगढ़ के व्यापारी की थी और उसका ड्राइवर शहर में पैसा इकट्ठा करने आया था। जाते हुए भी उसने समराला चौक के पास किसी से पेमेंट लेनी थी। गाड़ी का शीशा टूटा और बैग गायब देख उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद एसीपी सेंट्रल रमनदीप सिंह भुल्लर की अगुवाई में पुलिस पार्टी वहां पहुंच गई।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की। थाना डिविजन तीन की पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह चोरी की इतनी बड़ी वारदात हुई वहां से करीब पांच सौ मीटर दूर पुलिस का नाका रहता है और दूसरी तरफ समराला चौक पर काफी पुलिस मुलाजिम खड़े होते हैं। अभी तक शिकायतकर्ता ने कोई ब्यान दर्ज नहीं कराया, इस कारण कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने इस मामले में जांच के लिए कई टीमें बना दी हैं।
क्रेटा कार का चालक गुरप्रीत सिंह चंडीगढ़ की एक ट्रेडिंग कंपनी में काम करता है और अक्सर ही लुधियाना में चंडीगढ़ से पैसे इकट्ठा करने के लिए आता जाता है। वह पिछले करीब दस साल से यह काम कर रहा है। बुधवार को भी गुरप्रीत सिंह गाड़ी को चीमा चौक से जाते हुए समराला चौक की तरफ जाते रास्ते में खड़ी कर गली में एक फैक्टरी से पैसे लेने गया था। कुछ समय बाद जब वह लौटा तो पता चला कि गाड़ी का पिछला शीशा टूटा हुआ था और उसमें पड़ा बैग गायब था। उसने तुरंत इसकी जानकारी अपने मालिकों और पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
चोर गिल चौक से व्यापारी के पीछे लगे हुए थे और उन्हें पता था कि गाड़ी में नकदी पड़ी है, वे मौके की ताक में थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस के शक की सुई ड्राइवरपर भी है। सवाल यह खड़ा होता है कि अगर गुरप्रीत को पता था कि इतनी बड़ी पेमेंट लुधियाना से लानी है तो वह अकेला क्यों आया और अगर अकेला आया तो गाड़ी सड़क किनारे गाड़ी में बैग रख पेमेंट लेने क्यों चला गया।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एसीपी सेंट्रल रमनदीप सिंह भुल्लर ने कहा कि जब तक मामला हल नहीं होता हर कोई शक के दायरे में है। कई जगहों के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं। आसपास के जितने भी सीसीटीवी कैमरे हैं वहां बारीकी से जांच की जा रही है। इस मामले को हल करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से चार से पांच टीमों का गठन किया गया है, जल्द ही मामला हल कर लिया जाएगा।