आशा वर्करों ने लगाया अश्लील हरकतें करने का आरोप
पुलिस ने चंडीगढ़ से आई आडिट टीम समेत छह लोगों पर दर्ज किया मामला
पुलिस ने किए 38 आशा वर्करों के बयान दर्ज किए
अमर उजाला ब्यूरो
बस्सी पठाना/फतेहगढ़ साहिब। राष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां देश भर में महिलाओं के सम्मान में बड़े आयोजन कर उन्हें सशक्त नारी का दर्जा दिया जा रहा था। वहीं बस्सी पठाना के गांव नंदपुर कलौड़ के सरकारी हेल्थ सेंटर नंदपुर कलौड़ में चंडीगढ़ से आडिट करने पहुंची टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से शराब के नशे में सेंटर की आशा वर्करों से अश्लील हरकतें करने और उन्हें कमरे में बंद करने का मामला सामने आया है।
मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी सुखविंदर सिंह चौहान, एसएचओ जगदीप सिंह बराड़ पुलिस पार्टी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जहां सभी आशा वर्करों के बयान दर्ज कर छह लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में जगरूप सिंह, स्टेनो संदीप सिंह, नवजोत सिंह, ब्लाक एजुकेटर अफसर, बीएमवी समेत तीन अन्य आडिट अफसरों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने 38 आशा वर्करों की शिकायत पर जगरूप सिंह, संदीप सिंह व नवजोत सिंह समेत आडिट करने आए तीन अफसरों समेत छह पर आपराधिक धारा-354ए, 342, 147, 149 के तहत मामला दर्ज किया है।
‘कमरे में आडिट टीम के सदस्य शराब पी रहे थे’
दो आशा वर्करों की ओर से डीएसपी को दी गई शिकायत में कहा है कि दफ्तर अधिकारियों की ओर से बार बार आडिट के लिए पीएचसी नंदपुर में बुलाया जा रहा था। शुक्रवार बाद दोपहर वह सेंटर की एएनएम के साथ पीएचसी सेंटर पहुंचीं, जहां लेखाकार व एसएमओ भी मौजूद थे। वहां लेखाकार महिला ने कहा कि आडिट टीम ऊपर कमरे में है। जब वह दोनों ऊपर कमरे में जाने लगीं तो एक जगरूप सिंह नामक कर्मी ने एसएमओ से कहा कि इन्हें ऊपर न जाने दिया जाए। इतने में एक आशा वर्कर ऊपर बने कमरे में जा पहुंची, जहां स्टेनों, आडिट टीम और बीईई ने कमरे में दाखिल दोनों को धक्का मारे। आशा वर्करों अनुसार ऊपर कमरे में आडिट टीम के सदस्य शराब पी रहे थे और मीट खा रहे थे। इस पर आडिट टीम ने शराब के गिलास बगल में फेंक दिए और दोनों आशा वर्करों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। दोनों महिलाओं से अश्लील हरकतें कर उन्हें सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया। आशा वर्करों ने इसका वीडियो भी बनाने का दावा किया है। आडिट टीम पर आरोप है कि शराब के नशे में धुत्त उन्होंने आशा वर्करों के साथ भद्दी शब्दाबली का इस्तेमाल कर दो-दो आशा वर्करों को उनके पास पेश करने को कहा। जिससे आहत होकर देर शाम आशा वर्करों ने पीएचसी के बाहर आडिट टीम, एसएमओ के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले पीएचसी के एक कर्मी नवजोत सिंह ने दोनों महिलाओं को एक कमरे में बंद कर आडिट अधिकारियों को मौके से भगा दिया था।