‘हादसे को हत्या बता झूठा केस दर्ज किया’
डेयरी मालिक की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला
आरोपियों के परिजनों ने कांग्रेस नेता के इशारे पर फंसाने का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। गांव संघेड़ा में डेयरी मालिक गुरमेल सिंह की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। हत्यारोपी अर्शप्रीत सिंह हनी, धन्ना सिंह, विंदर सिंह व गुरजंट सिंह निवासी संघेड़ा के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सड़क हादसे को हत्या का मामला बताकर उनके बच्चों को केस में फंसाया है। आरोपियों के परिजनों का दावा है कि पुलिस ने यह कार्रवाई जिले के कांग्रेस के एक बड़े नेता के इशारे पर की है।
आरोपियों के अभिभावकों ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि पेड़ से बाइक टकराने के कारण गुरमेल सिंह की मौत हुई थी। वहीं थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरबीर सिंह कहना है कि घटना में घायल जगतार सिंह ने बयान दिया कि वह व गुरमेल सिंह दूध की डेयरी बंद करके बाइक पर संघेड़ा से गांव कर्मगढ़ जा रहे थे। रास्ते में एसफेद रंग की कार ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गए। कार में सवार उक्त आरोपियों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर घायल हो गया। आरोपियों ने गुरमेल को पीट पीट कर मार दिया। इस पर पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उधर, आरोपियों के अभिभावक और जिला कांग्रेस के सीनियर मीत प्रधान हरदेव सिंह बाजवा, भोला सिंह, जगजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, अलदेव सिंह आदि ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने शहर के एक बड़े कांग्रेसी नेता की शह पर झूठा केस दर्ज किया हैं। पुलिस के बड़े अधिकारियों व केस के जांच अधिकारी को बाइक हादसे की पूरी जानकारी है। इन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि झूठा केस रद कर जांच सही ढंग से की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि पुलिस ने नाइंसाफी की तो संगठनों को साथ लेकर पुलिस व कांग्रेसी नेता के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए हाईकोर्ट में जाएंगे।
पुलिस ने केस की जांच गहराई से शुरू कर दी। जांच में सभी बिदुंओं पर ध्यान दिया जाएगा। पुलिस किसी के भी प्रेशर में काम नहीं करती। केस में किसी के साथ भी कोई नाइंसाफी नहीं होगी। हरजीत सिंह, एसएसपी बरनाला