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टारगेट किलिंग : ट्राजेक्शन का रिकार्ड खंगालने जम्मू गई पुलिस खाली हाथ लौटी

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टारगेट किलिंग : जम्मू से खाली हाथ लौटी पुलिस
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वेस्टर्न यूनियन व अन्य दुकानें बंद होने से नहीं मिला रिकार्ड
अदालत ने जौहल व जिम्मी का पुलिस रिमांड 30 नवंबर तक बढ़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सूबे में हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी से संबंधित ट्राजेक्शन का रिकार्ड खंगालने के लिए लुधियाना पुलिस की टीम थाना डिविजन आठ के प्रभारी विनोद कुमार की अध्यक्षता जम्मू पहुंची। वहां वेस्टर्न यूनियन व अन्य दुकानें बंद होने के कारण रिकार्ड उपलब्ध नहीं हो सका है। यह खुलासा स्थानीय अदालत में तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी के पुलिस रिमांड की मांग करने के दौरान हुआ। तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी को आज मैजिस्ट्रेट राजिंदर सिंह नागपाल की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सरकारी वकीलों राजवीर सिंह चाहल व मनजिंदर कौर ने जिम्मी का पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की।
जिला अटार्नी रविंदर कुमार अबरौल ने पत्रकारों को बताया कि अदालत में सरकारी वकीलों की टीम ने जिम्मी का पुलिस रिमांड मांगते हुए अदालत को बताया कि उनके पास लेन-देन को लेकर पर्याप्त सबूत मौजूद है और जिम्मी ने वरिंदर सिंह के माध्यम से एक लाख अस्सी हजार रुपये की राशि अदा की थी। इसके बारे में भी पूछताछ करनी बाकी है। उनके मुताबिक अस्सी हजार रुपये की ट्रांजेक्शन आरोपी ने वरिंदर सिंह के माध्यम से जगजीत सिंह को भेजी थी। उन्होंने अदालत से जिम्मी को पांच दिन के रिमांड पर भेजने की मांग की। अदालत ने आरोपी पक्ष व सरकारी वकील की दलीलें सुनने के बाद जिम्मी को भी 30 नवंबर तक के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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पंजाब में टारगेट किलिंग के विभिन्न मामलों के एक अन्य केस लुधियाना के पादरी सुल्तान मसीह के हत्याकांड के केस में गिरफ्तार किए गए एनआरआई यूके सिटीजन जगातर सिंह जौहल को भी आज ज्यूडिशीयल मैजिस्ट्रेट सुमित सभ्रवाल की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सरकारी वकील राजवीर सिंह चाहल ने जौहल को पुलिस रिमांड भेजने की मांग करते हुए कहा कि पुअिभी इस मामले में और नामों का खुलासा बाकी है। इसके अलावा इस वारदात को अंजाम देने के लिए हुई भारी राशि की ट्रांजेक्शन संबंधी भी जानकारियां जुटाई जानी हैं। जिस पर आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि पहले ही जौहल को कई दिन के रिमांड पर रखा जा चुका है। और अभी तक पुलिस ने कोई भी संतुष्टि जनक जांच का खुलासा नहीं किया है। इसलिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर न भेजा जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी जौहल को 30 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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