लुधियाना में डीएमसी अस्पताल में आयोजित कनवोकेशन में डिग्री मिलने के बाद खुशी जताते डॉक्टर।
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कड़ी मेहनत से पाई डिग्री लेकर युवा डॉक्टर खुशी से झूम उठे। सोमवार को डीएमसी अस्पताल में सालाना कनवोकेशन के दौरान 2010 बैच के एमबीबीएस विद्यार्थियों को डिग्रियां और पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में एम्स दिल्ली के निदेशक प्रो. एमसी मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
मिश्रा ने युवा डॉक्टरों को जीवन में समाजसेवा करने के मंत्र दिए। हीरो मोटरकार्प के ज्वाइंट एमडी और डीएमसी प्रबंधन समिति के प्रेसिडेंट सुनील कांत मुंजाल समारोह में खास तौर पर मौजूद रहे। प्रिंसिपल डॉ. संदीप पुरी ने सालाना रिपोर्ट में हर गतिविधि का जिक्र किया।
समारोह में बेस्ट ग्रेजुएट के तौर पर डॉ. आकृति गुप्ता को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। रजत पदक डॉ. काजल तनेजा को दिया गया। उनको बेस्ट आर राउंडर का अवार्ड भी दिया गया। समारोह में 40 डाक्टरों को डिग्रियां दी गईं। विभिन्न कैटेगरी में 70 पुरस्कार दिए गए और 12 विद्यार्थियों को मेडल दिए गए।
एम्स के निदेशक ने इस पेशे को हर हाल में जिंदा रखने के लिए युवा डॉक्टरों को प्रेरित किया और नसीहत भी दी। अपने लंबे भाषण में मिश्रा ने युवा डाक्टरों को अपने तजुर्बों को सांझा करते हुए समाज सेवा में अहम योगदान करने की सलाह दी। उनका कहना था कि डॉक्टर बनने के बाद लालच के लिए जगह नहीं है, लालच कई बार गलत काम भी करवा सकता है।
उन्होंने सप्ताह में एक दिन गरीब बस्तियों में जाकर इलाज करने को भी प्रेरित किया। समारोह में प्रबंधन समिति के सचिव प्रेम कुमार गुप्ता, डॉ. बलदेव सिंह औलख, डॉ. जीएस वांडर, ज्ञान चंद्र धवन और अमृत नागपाल समेत कई माहिर भी मौजूद रहे।