यह कहानी किसी और ने नहीं बल्कि इस समय के सबसे ताकतवर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों ने लिखी थी। दिल्ली की तिहाड़ जेल में लॉरेंस बिश्नोई के साथ जग्गू भगवानपुरिया भी वहीं बंद है और उन दोनों में भी काफी अच्छी दोस्ती है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के तुरंत बाद ही लॉरेंस बिश्नोई के पेज से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ले ली गई थी। इसके अलावा अगर बात की जाए तो उसके भांजे सचिन बिश्नोई ने भी इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। कई ऐसे नामी गैंगस्टर हैं जो जेल के अंदर से सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लगातार एक दूसरे को धमका रहे हैं।
धड़ल्ले से चल रहे हैं पंजाब की जेलों में मोबाइल फोन
केंद्रीय सुधार घर कहे जाने वाली पंजाब की जेलों में धड़ल्ले से हर गैर कानूनी काम हो रहे हैं। बड़े नामी गैंगस्टर और नामी तस्कर जेल में ही बैठ कर अपना कारोबार चला रहे हैं। गैंगस्टर अपने गुर्गों को आदेश जारी कर रहे हैं कि किससे रंगदारी लानी है और किससे कब वसूली करनी है। इसके अलावा किसे कब दुनिया से चलता करना है सब जेल में ही प्लानिंग होती है। इसके अलावा नशे का सबसे बड़ा कारोबार जेलों से चल रहा है। कई बार पंजाब पुलिस ने नशा तस्करों को पकड़ा और बाद में पता चलता है कि उसका आका जेल में है और वहीं से उसे आदेश जारी हो रहे हैं।