विधायक सिमरजीत बैंस को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।
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लुधियाना के डाबा इलाके के वार्ड नंबर 38 में सोमवार की देर शाम को लोक इंसाफ पार्टी और कांग्रेसी वर्करों के बीच हुई पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और मारपीट के साथ-साथ गोली चलाने के बाद मामले में थाना शिमलापुरी पुलिस ने लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस और उनके साथियों पर मामला दर्ज किया। इसके बाद बैंस को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बैंस को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह अपने कुछ साथियों के साथ कोर्ट कंप्लेक्स में स्थित वकीलों के बार रुम में समारोह में पहुंचे थे। पुलिस को जैसे ही बैंस के वहां पहुंचने की सूचना मिली तो पुलिस ने बार रुम की घेराबंदी कर ली।
इन पर केस दर्ज
इससे पहले पुलिस ने लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस, उनके बेटे अजय प्रीत सिंह बैंस, उनके भाई परमजीत सिंह बैंस, भाई कर्मजीत सिंह बैंस, भतीजे जोत बैंस, पूर्व पार्षद गुरप्रीत सिंह खुराना, गोल्डी अरनेजा, बिट्टा पार्षद, मिंटा, राजा फिल्लौरी, पार्षद हरविंदर पाल सिंह, पार्षद स्वर्ण दीप सिंह चाहल, बलदेव प्रधान, बलविंदर बंटी, रविंदर कलसी, रोबिन, सिमरजीत सिंह बैंस के पीए गोगी शर्मा, पवनदीप सिंह मदान, जतिंदर पंधेर, करण सवद्दी, दीपक मैनरु, रिक्की कलसी, योगेश कुमार योगी, किरणदीप सिंह, कुलविंदर सिंह झज, डिंपी विज, मनिंदर मनी, सरबजीत जनकपुरी, मनीष विनायक, मनीष सिंगला, सीआर कंग, रवि फुट्टा, रवि फुटटा का पिता और सौ से डेढ़ सौ अज्ञात आरोपियों को नामजद किया था।
यह था मामला
कमलजीत सिंह कड़वल के नजदीकी साथी चंडीगढ़ रोड स्थित सेक्टर 32 के रहने वाले गुरविंदर सिंह प्रिंकल द्वारा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक वह वार्ड 38 में कमलजीत सिंह कड़वल के साथ मीटिंग में गए थे। चुनावी मीटिंग में गाड़ी पार्किंग लगाकर जाने लगे तो पीछे से बैंस और उसके साथियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने भाग कर अपनी जान बचाई। आरोपी कमलजीत सिंह कड़वल की गाड़ी तोड़कर फरार हो गए।
वकीलों के समारोह में पहुंचे बैंस को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
बैंस की गिरफ्तारी के लिए ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर रुरल रवचरण सिंह बराड़ खुद भी मौके पर पहुंचे। जब विधायक बैंस वकीलों को संबोधित कर रहे थे और पुलिस को ललकार रहे थे तभी जेसीपी बराड़ वहां पहुंच गए। वकीलों ने उनका अंदर आने का विरोध किया और वहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी विधायक बैंस के बाहर आने का इंतजार करने लगे। पुलिस के आलाधिकारियों के आदेश पर वहां से निकलने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया और ताले लगाकर वहां पुलिस तैनात कर दी गई।
बैंस के बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक गेट ही रखा गया। माहौल तनावपूर्ण होता देख अतिरिक्त पुलिस फोर्स के साथ साथ एंटी रायट फोर्स भी मंगवा ली गई। बैंस वहां से निकलने लगे थे, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे ही बैंस को गाड़ी में बैठाया, तेजी से गाड़ियां मौके से भगा ली गई।
पहले वकीलों ने किया विरोध और बाद में बैंस समर्थकों ने की पुलिस के साथ धक्का मुक्की
विधायक सिमरजीत सिंह बैंस जैसे ही कोर्ट कंप्लेक्स के बार रुम में पहुंचे तो सबसे पहले पुलिस के दो सब इंस्पेक्टर पहुंचे। इसी दौरान पुलिस के सीनियर अधिकारी वहां पहुंच गए। पहले उन्होंने वकीलों को बुला कर बात की, मगर वकीलों का विरोध देख सीनियर पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। जिसके बाद जेसीपी रवचरण सिंह बराड़ वहां पहुंच गए। वह सीधे ही अधिकारियों के साथ अंदर गए मगर वकीलों ने विरोध कर समारोह खत्म होने की बात की। इसके बाद सभी गेट बंद करवाए गए। समारोह भी काफी लंबा खींच दिया गया। उसके बाद भी बैंस वकीलों के साथ अंदर बैठे रहे। पुलिस के अधिकारी भी काफी समय तक इंतजार करते रहे।
बैंस अपने समर्थकों और वकीलों के साथ बाहर निकलने लगे और कहा कि वह भागेंगे नहीं गिरफ्तारी देंगे। इस दौरान वकीलों ने बैंस की गिरफ्तारी का विरोध किया। इसके जेसीपी ने आश्वासन दिया कि बैंस जिप्सी में जाएंगे और गाड़ी वह खुद ड्राइव करेंगे। इसी बीच समर्थकों के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई, लेकिन पुलिस ने बैंस को जिप्सी में बैठाया और जेसीपी खुद गाड़ी को चला कर वहां से काफिले के साथ रवाना हो गए।
पुलिस की गाड़ियां रोकने के लिए आगे लेट गए विधायक बलविंदर बैंस
बैंस समर्थक चाहते थे कि पुलिस बैंस को उनकी गाड़ी में लेकर जाएं, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना था कि वह उन्हें पुलिस की गाड़ी में ही लेकर जाएंगे। एक बार तो वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। समर्थक बैंस को खींच कर उनकी गाड़ी तक ले जाने लगे लेकिन पुलिस ने बैंस को चारों तरफ से घेर लिया था। पुलिस ने समर्थकों को खींच कर पीछे किया और बैंस को गाड़ी में बैठाया। इसी दौरान विधायक जत्थेदार बलविंदर सिंह बैंस गाड़ी के आगे लेट गए। पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें खींच कर पीछे हटाया लेकिन वह फिर एक बार गाड़ी के आगे आ गए। इसके बाद समर्थकों के साथ साथ पुलिस ने उन्हें पीछे हटाया और पुलिस अधिकारी गाड़ी भगाकर ले गए। पुलिस मुलाजिम गाड़ियों के पीछे भागते रहे ताकि कोई गाड़ी न रोक सके। जब गाड़ियां कचहरी परिसर पार कर गई और फिरोजपुर रोड पहुंच गई तब जाकर मुलाजिम पीछे हटे।
अकाली प्रत्याशी ने निकाला शांति मार्च
आत्म नगर में सोमवार को लोक इंसाफ पार्टी और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई पत्थरबाजी के बाद अकाली प्रत्याशी हरीश राय ढांडा ने मंगलवार की सुबह इलाके में शांति मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि जागो जागो गुंडागर्दी त्यागो। गुंडागर्दी भगाओ आत्म नगर बचाओ का नारा भी दिया। हरीश राय ढांडा ने कहा कि आत्म नगर को गुंडागर्दी और दहशतगर्दी से आजाद करने का समय आ गया है।
बैंस और कमलजीत सिंह कड़वल दोनों एक जैसे हैं। दोनों को बस लाठी और गोली के साथ राजनीति आती है। शांति मार्च निकालने का उनका मकसद सिर्फ एक है कि जनता के दिल से दहशत और डर को निकाला जा सके। इस इलाके के लोगों से बात कर पता चलता है कि आम जनता इस गुंडागर्दी से अब तंग आ चुकी है और समय आ गया है कि एक साफ छवि वाले व्यक्ति को मौका दिया जा सके।