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बस स्टैंड किया बंद, निजी बसें रोकीं, आज सीएम का फार्म हाउस घेरने निकलेंगे पनबस-पीआरटीसी कांट्रैक्ट मुलाजिम

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लुधियाना पंजाब रोडवेज पनबस-पीआरटीसी कांट्रैक्ट यूनियन की ओर से बस स्टैंड को बंद किए जाने के बाद ल - फोटो : LUDHIANA
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लुधियाना/पटियाला। पंजाब रोडवेज पनबस-पीआरटीसी कांट्रैक्ट यूनियन का संघर्ष मांगों को लेकर तेज होता जा रहा है, वीरवार को पंजाब के सभी बस स्टैंड को पूर्ण रूप से दो घंटे के लिए बंद रखा गया। इस दौरान निजी बसों को भी बस स्टैंड के अंदर नहीं आने दिया गया। वहीं बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों को भी बस स्टैंड के बाहर से बस लेने के लिए कह दिया गया। आखिरकार दोपहर 12 बजे के बाद बस स्टैंड को खोला गया। बीते चार दिन से कांट्रेक्ट मुलाजिम बसों को नहीं चला रहे हैं। ऐसे में पंजाब भर में सिर्फ दो सौ बसों के सहारे काम चल रहा है, जबकि 23 सौ बसों के पहिये थमकर रह गए हैं। शुक्रवार को प्रदेश भर से यूनियन के पदाधिकारी सीएम का सिसवां फार्म हाउस का घेराव करने के लिए तैयारी में जुट गए हैं।
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लुधियाना डिपो प्रधान शमशेर सिंह ढिल्लों ने बताया कि वीरवार को दो घंटे तक पूरे बस स्टैंड को पूरी तरह से बंद रखा गया है। अब उनकी यूनियन के पदाधिकारी शुक्रवार सीएम फार्म हाउस का घेराव करने की तैयारी में जुट गए हैं। लुधियाना डिपो से लगभग 400 मुलाजिम ट्रैक्टर ट्रालियों सहित अन्य वाहनों में सिसवां फार्म की तरफ कूच करेंगे। एक सौ मुलाजिम पहले से पटियाला में हो रहे धरने में शामिल चल रहे हैं। ढिल्लों ने बताया कि अगर पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया तो वह वहीं पर चक्काजाम करेंगे। शुक्रवार को सीएम फार्म हाउस का घेराव करने के बाद अगले संघर्ष का एलान किया जाएगा। पटियाला में भी इस दौरान बसों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहने से सवारियों को काफी परेशानी हुई।
नोटिस से नहीं डरते, रेगुलर होने को लड़ाई जारी रहेगी : कुलदीप सिंह
इस मौके पर यूनियन के पटियाला डिपो के महासचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि पीआरटीसी मैनेजमेंट की ओर से निकाले नोटिस से ठेका मुलाजिम नहीं डरते हैं। काम पर वापस नहीं लौटेंगे, फिर चाहे ठेका रद्द कर दें। 10 हजार महीने की सैलरियों में मर-मरकर गुजारा करने से अच्छा है रेगुलर होने के लिए लड़ाई लड़ें। वीरवार को 1.15 करोड़ के नुकसान का अनुमान हड़ताल के पिछले तीन दिनों में जहां पीआरटीसी को रोजाना करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ, वहीं वीरवार को चौथे दिन बस स्टैंड के चार घंटे बंद रहने से नुकसान ज्यादा रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वीरवार को कारपोरेशन को 1.15 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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मुलाजिमों की हड़ताल से जाम हुआ जालंधर का बस स्टैंड
जालंधर/पठानकोट। पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिमों की तरफ से वीरवार को सुबह 10 बजे ही बस स्टैंड जाम करके धरना दे दिया गया। यूनियन की तरफ से बस स्टैंड को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जाम रखने की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में इस बंद को 1.30 बजे तक बढ़ा दिया गया। इस दौरान बस स्टैंड पर आए यात्री वहीं पर फंस गए। जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि शुक्रवार के एक्शन संबंधी शाम तक निर्णय ले लिया जाएगा। पठानकोट डिपो के 80 में से केवल 11 रूट पर ही बसें चल पाईं, जिससे पठानकोट डिपो को करीब 6 लाख का नुकसान हुआ। चार दिनों में डिपो को करीब 25 लाख का नुकसान हो चुका है। उधर, हड़ताल पर बैठे पनबस कर्मियों को ट्रैफिक सुपरवाइजर पेंशनर्ज एसोसिएशन ने समर्थन देने का एलान किया है।
बसों के इंतजार में भटकते रहे यात्री
पठानकोट से चंडीगढ़ जाने वाली महिला यात्री यशोदा, माधवी, गुरदासपुर निवासी रजनी, ममता और जालंधर जाने के लिए बस स्टैंड पर पहुंची निशा शर्मा ने बताया कि बस स्टैंड की बजाय वीरवार को सारी बसें काठ वाला पुल से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में आम जनता को परेशान किया जा रहा है।
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फोटो:-1 बस स्टैंड पठानकोट पर रोष प्रदर्शन करते हड़ताली कर्मचारी।
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