इस दौरान खेती नीति समेत किसानी व पंजाब के अहम मुद्दों को उठाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरनाला। भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने 1 सितंबर को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने का एलान किया है। यह एलान सोमवार को बरनाला में स्टेट लेवल की बैठक के उपरांत संगठन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने किया।
प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां, सुखदेव सिंह कोकरी और झंडा सिंह जेठुके ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन उगराहां को 27 से 31 दिसंबर तक पंजाब के डीसी दफ्तरों के सामने धरना देना था जिसे अब स्थगित कर दिया है, क्योंकि पंजाब सरकार का विधानसभा सत्र 1 सितंबर से 4 सितंबर तक होगा। इसके चलते अब किसान संगठन ने अपना संघर्ष 1 सितंबर से चंडीगढ़ शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसान चंडीगढ़ में प्रवेश करेंगे। यदि उन्हें रोका जाता है, तो अगला संघर्ष का फैसला मौके पर किया जाएगा।
विधानसभा सेशन संपन्न होने पर अगले संघर्ष की घोषणा पांच सितंबर को मोर्चे में की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में पंजाब के विभिन्न जिलों से उनके संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में राशन, दूध और अन्य जरूरी सामान लेकर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग कृषि नीति बनाना, किसान मजदूरों का कर्ज माफ करना, नशे का खात्मा, किसानों की बर्बाद फसलों का मुआवजा, आत्महत्या करने वाले परिवारों को मुआवजा देना, जमीनों का उचित वितरण बनाना है। साथ ही किसानों को डॉ. स्वामीनाथन की रिपोर्ट के मुताबिक फसलों की एमएसपी और खरीद की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के इस मोर्चे में आत्महत्या करने वाले किसान और नशे से मरने वालों के परिजन भी उनके साथ शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा पूरी तरह से भाकियू उगराहां का है, जबकि अन्य विभिन्न संघर्षशील संगठन हमारे संघर्ष के समर्थन में जिला स्तर पर संघर्ष कर सकते हैं।