थाना सुधार पुलिस ने रघबीर सिंह निवासी हंबड़ां रोड लुधियाना की शिकायत पर जगपाल सिंह सिविया निवासी रामगढ़ सिविया, पंच अमरजीत सिंह सोनू निवासी अकालगढ़ (दोनों पत्रकार) और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ निवासी अकालगढ़ के खिलाफ कॉमन इंटेंशन से 7 लाख रुपये की जबरन वसूली की कोशिश की धारा में केस दर्ज किया था।
लुधियाना के हलवारा के थाना में जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार पत्रकार जगपाल सिंह सिविया और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दोनों आरोपियों को अदालत सेझटका लगा है। जगरांव में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमआईसी) की अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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थाना सुधार में 14 मार्च को रघबीर सिंह निवासी हंबड़ां रोड लुधियाना की शिकायत पर जगपाल सिंह सिविया निवासी रामगढ़ सिविया, पंच अमरजीत सिंह सोनू निवासी अकालगढ़ (दोनों पत्रकार) और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ निवासी अकालगढ़ के खिलाफ कॉमन इंटेंशन से 7 लाख रुपये की जबरन वसूली की कोशिश की धारा में केस दर्ज किया था। आरोपियों ने रघबीर सिंह के रिश्तेदार मन्नत ग्रोसरी स्टोर के मालिक सिकंदर सिंह के खिलाफ झूठा दुष्कर्म का केस दर्ज करवाने की धमकी देकर 7 लाख रुपये की मांग की थी।
सुधार पुलिस ने जगपाल सिंह सिविया और अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ को गिरफ्तार कर लिया था जबकि पुलिस रेड के दौरान फरार होने की कोशिश में गंभीर रूप से घायल पत्रकार अमरजीत सिंह सोनू इलाज के दौरान अस्पताल से फरार हो गया था। अमरजीत सिंह सोनू ने लुधियाना अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर 24 मार्च को सुनवाई होनी है।
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शिकायतकर्ता रघवीर सिंह निवासी हंबड़ां रोड नजदीक साउथ सिटी लुधियाना ने बताया कि उनके जीजा के भाई के बेटे सिकंदर सिंह निवासी रत्तोवाल की सुधार बाजार स्थित रत्तोवाल चौक में मन्नत ग्रोसरी स्टोर नामक दुकान है। सिकंदर को स्टोर पर काम के लिए कर्मचारी की जरुरत थी। बाहरी राज्य के मजदूर परिवार की महिला ने अपनी बेटी को स्टोर पर रखने की पेशकश की और 1000 रुपये एडवांस भी ले लिए। कुछ दिन बाद लड़की और 1000 रुपये ये कहकर ले गई कि उसकी मां ने गांव जाना है। 25 फरवरी को महिला स्टोर पर आई और सिकंदर सिंह पर बेटी से छेड़खानी करने का आरोप लगाया।
इसके बाद पत्रकार जगपाल सिंह सिविया पंच पत्रकार अमरजीत सिंह सोनू और फर्जी समाजसेवी अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ की एंट्री हुई। 2 और 4 मार्च को दीपू ने फोन करके बुलाया और 2 दिन का समय देते हुए 5 से 7 लाख रुपये में समझौता करवाने की पेशकश की। दीपू ने रुपये न देने की सूरत में दुष्कर्म का मुकद्दमा दर्ज करवा खबरें प्रकाशित करने सोशल मीडिया पर घसीटने की धमकी दी। रघबीर सिंह ने कहा कि जब उन्होंने रुपये नहीं दिए तो 10 दिन बाद तीनों आरोपियों ने महिला को साथ ले जा थाना सुधार में सिकंदर के खिलाफ शिकायत दे दी। जब पुलिस ने समय दिया तो तीनों आरोपी और महिला जांच में शामिल ही नहीं हुए। रघवीर सिंह ने कहा कि सिकंदर सिंह ने लड़की के साथ साधारण ऑनलाइन चैट की थी जिसके लिए माफी भी मांग ली, लेकिन आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल कर 5 से 7 लाख रुपये जबरी वसूली की कोशिश की।