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राजनीति : हाईकमान से नजदीकियों का आशु को मिला फायदा, गुटबाजी से दूर रहने के कारण बने कार्यकारी पीपीसीसी प्रधान

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लुधियाना। विधानसभा चुनाव में पश्चिमी विधानसभा सीट से हारने के बावजूद कांग्रेस आलाकमान ने कांग्रेस विधायक रहे भारत भूषण आशु पर विश्वास जताकर उन्हें पंजाब का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। यह पद युवा चेहरा होने और गुटबाजी से दूर रहने के साथ-साथ कांग्रेस हाईकमान से नजदीकियों के कारण मिला है।
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कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जहां आशु के राजनीतिक कॅरिअर को बल मिला है। वहीं उनके समर्थकों में भी खुशी है। फिलहाल कांग्रेस हाईकमान ने आशु को कार्यकारी प्रधान बनाकर एक तीर से दो निशाने साधे हैं। आशु युवा नेता हैं। इसके अलावा वे किसी गुट से नहीं आते हैं। गुटबाजी से दूर होना उनके किए फायदा कर गया।
आशु के अधिकांश नेताओं से अच्छे संबंध हैं। ऐसे में वे सबको साथ लेकर चलने में सक्षम हैं। मौजूदा समय में नवजोत सिंह सिद्धू और चन्नी गुट व अन्य कई गुट सक्रिय हैं। ऐसे में पार्टी को आगे ले जाने के लिए कांग्रेस को ऐसे ही चेहरे की जरूरत थी। जो सभी को साथ लेकर चले।
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भविष्य की योजनाओं में भी फिट बैठते हैं नेता
पंजाब में कांग्रेस के बड़े चेहरों की बात करें तो कैप्टन अमरिंदर सिंह बड़े नेताओं में शुमार थे। वह पार्टी छोड़कर चले गए। रजिंदर कौर भट्ठल भी अब वृद्ध नेताओं की लिस्ट में है। इसके अलावा सुनील जाखड़ बड़े हिंदू चेहरों में से एक थे। अब उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली है। ऐसे में युवा आशु पार्टी की भविष्य की योजनाओं में फिट बैठते नजर आए। इसके साथ-साथ उनका हिंदू होना भी काम कर गया। मौजूदा समय की बात करें तो पार्टी में सुनील जाखड़ ही एक बड़े हिंदू चेहरे के रूप में थे। लेकिन हिंदू चेहरे के रूप में भारत भूषण आशु प्रोजेक्ट हो गए हैं।
लुधियाना से दिल्ली दरबार तक है पकड़
भारत भूषण आशु की दिल्ली तक पकड़ है। वे पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं। दो बार विधानसभा चुनाव लड़े और दोनों बार ही जीत गए। खास बात यह है कि नगर निगम के चुनाव में भी हुए तीन से अधिक बार नगर निगम के पार्षद रहे। पहली बार जब वे विधायक बने। इसके बाद अपनी विधानसभा सीट से करीब 10 से अधिक कांग्रेसी पार्षदों को जीता कर दबदबे दिखाया। भारत भूषण की लुधियाना में अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है। चाहे वे कांग्रेसी विधायक हों या नगर निगम में पार्षद हों। यहां तक कि लुधियाना के मेयर बलविंदर सिंह संधू पर भी आशु का हाथ माना जाता है। दिल्ली दरबार में पूर्व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और लुधियाना से संसद रवनीत सिंह बिट्टू से भी उनके अच्छे संबंध माने जाते हैं। लुधियाना से लेकर दिल्ली दरबार तक आशु की पकड़ का असर है कि उन्हें संगठन में तवज्जो दी गई।
सभी को साथ लेकर चलना व निगम, लोकसभा चुनाव में जीत दिलाना ही लक्ष्य -आशु
प्रदेश कांग्रेस का कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद जब भारत भूषण आशु से बात की गई तो आशु ने राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी व राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी में सौंपी है। वे उसे तन मन से पूरा करेंगे। आगामी योजनाओं के बारे में बताया कि अभी पार्टी को पंजाब में अच्छी तरह से खड़ा करना ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ता मायूस हो गए हैं, उन्हें जगाना है और पार्टी के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी में गुटबाजी है। इसे दूर करके सब को एक साथ लेकर चलने की कोशिश रहेगी। नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में कहा कि वह बड़े नेता हैं। पार्टी में कई और बड़े नेता भी हैं। सभी को साथ लेकर चला जाएगा। किसी को किनारे नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिद्धू सुनील जाखड़, राजिंदर कौर भट्ठल जैसे बड़े नेताओं से मार्गदर्शन लिया जाएगा ताकि पार्टी को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने बहुत वादे करके सरकार बना तो ली। लेकिन उन्हें लगता नहीं है कि आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों के वादों को पूरा कर पाएगी। हालांकि अभी उन्हें समय देना चाहिए। इसके बाद ही किसी नतीजे पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा अगला लक्ष्य नगर निगम के चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना है। लोकसभा चुनाव के लिए यहां से अधिक से अधिक सांसद भेजना लक्ष्य है।
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