लुधियाना। बरगाड़ी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ फौजदारी शिकायत में मंगलवार को शिकायतकर्ता जगदीप सिंह गिल ने अपनी गवाही अदालत में कलमबद्ध करवा दी। न्यायाधीश उपरोक्त शिकायत पर सुनवाई करते हुए इसे मंगलवार को गवाहियों पर रखा था। शिकायतकर्ता ने धारा 304, 307, 295 और 34 आईपीसी के तहत अदालत में शिकायत दाखिल की हुई है। इसमें बादलों के खिलाफ बरगाड़ी कांड को लेकर संगीन आरोप लगाए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक नवंबर को होगी।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह सामाजिक जागृति फ्रंट का चेयरमैन है। उनके अनुसार प्रकाश सिंह बादल वर्ष 2006 से लेकर 2016 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे जबकि सुखबीर बादल डिप्टी सीएम थे, और उनके पास राज्य के गृह मंत्रालय व जनरल प्रशासन का विभाग भी था। इस पद पर रहते हुए उनकी कानूनी व प्राथमिक जिम्मेदारी पंजाब में कानून व्यवस्था को बनाए रखना था। पूरा प्रशासनिक नियंत्रण इन दोनों के हाथ में ही था। 10 अक्तूबर, 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को लेकर सिखों में बेहद रोष था और 14 अक्तूबर, 2015 को सिख एकत्रित होकर अपना रोष व्यक्त कर रहे थे। इसी दौरान फरीदकोट की पुलिस हथियारों सहित वहां आई और धरना स्थल को खाली करवाने के उद्देश्य से निर्दोष सिखों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में दो निर्दोष सिख भी मारे गए थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बादलों का निर्दोष सिखों पर फायरिंग करने का उद्देश्य राजनीतिक तौर पर लाभ उठाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकल पुलिस लाठीचार्ज करने और गोलीबारी करने का काम बिना इनके निर्देश के नहीं कर सकती थी। अगर यह चाहते तो वह निर्दोष सिखों को शांतिपूर्वक ढंग से वहां से उठवा सकते थे।