‘खाली चेक बन रहे किसानों का फंदा’
भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) की बैठक में बोले वक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। तर्कशील भवन में भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) की प्रदेश कमेटी की बैठक हुई। बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही बैंकों के उत्पीड़न का विरोध किया गया।
प्रदेश प्रधान बूटा सिंह बुर्जगिल व सीनियर उपाध्यक्ष मनजीत सिंह धनेर ने कहा कि बैंक किसान को कर्ज देते समय जमीन की रजिस्ट्री रख लेते हैं। साथ ही किसान कसे हस्ताक्षर करवा कर खाली चेक भी ले लते हैं। जब किसी कुदरती आफत कारण या किसी अन्य कारण करके फसल खराब जाती है और किसान से कर्ज लिमिट की किश्तें वापस नहीं होती तो बैंक खाली चेक लगा कर व उस चेक को जाली करार देकर, अदालत में किसान खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवा देती हैं। ऐसे बहुत से मामलों में किसान जेलों में बंद हैं व दो-दो वर्ष की सजाएं भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे बंद करवाने के लिए पंजाब की सात संघर्षशील किसान संगठनों भाकियू (डकौंदा), भाकियू (उगराहां), किरती किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी), किसान संघर्ष कमेटी, क्रांतिकारी किसान यूनियन, पंजाब व किसान संघर्ष कमेटी आजाद की ओर से18 फरवरी सेस्टेट स्तरीय बैंकर्स कमेटी के कनवीनर के फिरोजपुर रोड लुधियाना स्थित दफ्तर का मांगों के लिए अनिश्चितकालीन समय के लिए घेराव किया जाएगा।
इस अवसर पर गुरदीप रामपुरा, महिंद्र दयालपुरा, बलदेव भाईरूप, हरदीप गालिब, महिंदर भैणीबाघा, सुखदेव घराच, बलदेव बठोई, दर्शन उग्गोके, मलकीत ईना आदि नेता उपस्थित थे।