लुधियाना के प्रमुख बाजार दोपहर बाद खुले
पुलिस ने किए थे सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जगह-जगह रही नाकाबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
आरक्षण के विरोध में जरनल क्लास का मंगलवार को भारत बंद का महानगर में बंद का मिलाजुला असर रहा। महानगर के प्रमुख बाजार तो बंद रहे, लेकिन बाकी के बाजार खुले रहे। कुछ लोगों ने आरक्षण का विरोध करते हुए खुद ही दुकानें बंद कर दीं। कुछ लोगों से जरनल क्लास के लोगों ने हाथ जोड़ कर दुकाने बंद कराईं। सुबह से ही बंद को लेकर महानगर में दहशत का माहौल बना हुआ था। पुलिस की तरफ से भी शहर के प्रमुख चौंको पर नाकाबंदी कर दी गई थी।
महानगर की पुलिस ने सुबह ही कई जगहों पर नाकाबंदी कर दी थी। इससे लोगों में दहशत बन गई। लोग एक दूसरे से बात करने के बाद ही घर से निकल रहे थे। शहर में बंद का मिलाजुला असर दिखा। सुबह कुछ संस्थाओं के लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने सबसे पहले शांति पूर्ण अपनी दुकानें बंद कर दी। उसके बाद वह आरक्षण का विरोध जताने लगे। इस दौरान चौड़ा बाजार, दाल बाजार, प्रताप बाजार, घंटाघर के पास स्थित मार्केट, भदौड़ हाउस, एसी मार्केट के साथ कई बाजार बंद रहे। घुमारमंडी, कॉलेज रोड, माल रोड, सराभा नगर मार्केट की सभी दुकानें पूर्ण रुप से खुली रही।
शिव सेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन की अगुवाई में कई संस्थाओं के पदाधिकारियों ने दुकानदारों को साथ लेकर गिरजाघर चौक, गुड़मंडी, तालाब बाजार, किताब बाजार, सर्राफा बाजार, मीना बाजार, अरोड़ा मार्केट सहमति से बंद कराए। टंडन ने कहा कि जब सविधान का निर्माण किया गया उस समय पिछड़े वर्ग के लिए 10 साल के आरक्षण का प्रावधान रखा गया था। राजनीतिक पार्टियों ने वोटो ंकी खातिर आरक्षण को बढ़ा कर 70 साल तक ले गए। इससे आम वर्ग में असंतोष फैल गया है आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर सूबे के हर जिले जरनल वर्ग की पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान संदीप थापर, चौड़ा बाजार एसोसिएशन बाजार के प्रधान शाम सुंदर चोपड़ा, सखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के प्रधान अशोक थापर सहित अन्य लोग मौजूद थे।
पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बंद से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी। उन्होंने सोमवार को अधिकारियों के साथ मीटिंग कर उन्हें कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे। पुलिस की तरफ से सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। हर जगह पर नाकाबंदी और कुछ जगहों पर पुलिस की भारी फोर्स खड़ी हुई थी ताकि किसी तरह की कोई अनहोनी न हो सके।
बस्ती चौक में बंद कराने पर माहौल तनावपूर्ण
बस्ती चौक में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ लोग दुकानें बंद करने और कुछ लोग दुकानें खोलने की हिमायत करते रहे। इस पर दो गुट आमने सामने हो गए। जब इस बात की सूचना पुलिस को मिली तो बड़ी संख्या में पुलिस की गाड़ियां वहां पहुंच गईं। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस की गाड़ियां देख मार्केट के लोगों ने दुकानें बंद कर दी। कुछ लोग दुकानें बंद करने के लिए दुकानदारों से विनती कर रहे थे कि दलित समाज के कुछ लोग वहां आ गए और दुकानदारों से दुकानें खोलने की बात कही। इस पर दोनों गुट आमने सामने हो गए। जब माहौल तनावपूर्ण हो गया तो लोगों ने दुकानें बंद करनी शुरू कर दी। इसके बाद पूरे इलाके में पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया।