‘90 फीसदी अंक पर तकनीकी शिक्षा मुफ्त’
तकनीकी शिक्षा व औद्योगिक सिखलाई मंत्री ने किया एलान
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
आईलेट्स करवाने वाली संस्थाओं तथा विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को लुटने वाले मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द नए नियम बनाकर एजेंटों पर नकेल डाली जाएगी। विद्यार्थियों से अधिक फीस वसूलने की शिकायतों के निपटारे के लिए जल्द नए नियम बनाए जाएंगे। 90 फीसदी अंक पाने वाले विद्यार्थियों को तकनीकी कालेजों में मुफ्त शिक्षा दिलाई जाएगी। यह एलान तकनीकी शिक्षा व औद्योगिक सिखलाई मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने दशहरा ग्राउंड माछीवाड़ा में गतका फेडरेशन आफ इंडिया की ओर से करवाई जा रही गतका चैंपियनशिप के उद्घाटन के दौरान किया।
चन्नी ने गतका मुकाबलों की शुरुआत करते हुए कहा कि यह खेल सिख कौम व गुरु साहिबान से जुड़ा है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि गतका जहां धर्म का प्रचार करता है, वहीं इस खेल से जुड़कर विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखार कर जीवन जी सकते है। उन्होंने बताया कि गतका खेल को अन्य खेलों की तरह पक्के तौर पर मान्यता देने के लिए पंजाब सरकार तथा खेल विभाग से तालमेल करके हल निकाला जाएगा। यह खेल सेल्फ डिफेंस के तौर पर जानी जाती है। सेल्फ डिफेंस की आज के समय में हर व्यक्ति को जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस खेल से जहां हमारी सेहत तथा शरीर तंदरुस्त रहता है। वहीं खेल भावना तथा मुश्किल स्थिति से निपटने का हौसला पैदा होता है।
चन्नी ने बताया सभी यूनिवर्सिटी में वीसी नियुक्त कर दिए गए। पिछली सरकार समय जो इन कालेजों में लुट चलती थी उसे बंद कर दिया गया है। इसके अलावा पंजाब की नौजवानी को तकनीकी शिक्षा की ओर उत्साहित करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया। इसके तहत 90 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तकनीकी कालेजों में मुफ्त शिक्षा मुहैया कराई जाएगी, वह चाहे किसी भी जाति से संबंधित हो। इसके अलावा 60 से 80 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को फीसों में भारी छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ संस्थानों ने शिक्षा को व्यापार बना दिया था। कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही इस संबंधी ठोस कदम उठाए व परीक्षाओं में नकल को मुकम्मल बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि सूबे में 10 लाख किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्जा माफ करना सरकार की बहुत बड़ी प्राप्ति है। इस मौके पर गतका एसोसिएशन के उप प्रधान रजिंदर सिंह जौहल, जनरल सचिव बलजिंदर सिंह तूर, भूपिंदर सिंह, इंदरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।