गांव लहरा खाना में बुधवार को गैंगवार के दौरान दो युवकों को गोलियां मारकर उनकी हत्या किए जाने के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने 30 बोर की पिस्तौल प्रयोग किया था। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए संदेह के घेरे में आए कुछ गैंगस्टरों को पूछताछ में शामिल कर रही है। हालांकि इस गैंगवार की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर सुक्खा दुन्नेके ने फेसबुक पर ली है। दुन्नेके ने जिन दो गैंगस्टरों भल्ला और फतह नागरी का अपनी पोस्ट में जिक्र किया था, वीरवार को पुलिस की टीमों ने उनसे पूछताछ भी की है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को गांव लहरा खाना में गुरुद्वारा के पास युवक मनप्रीत छल्ला और मनप्रीत विक्की की स्कोडा कार सवार बदमाशों ने 12 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। सूत्रों ने बताया कि वारदात के लिए आरोपियों ने 30 बोर की पिस्तौल का प्रयोग किया था। कि आरोपियों के पास तीन पिस्तौल थे, जिनसे उन्होंने धड़ाधड़ गोलियां चलाईं। सूत्रों के मुताबिक तीन से पांच मिनट में पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने जिस सीसीटीवी फुटेज में स्कोडा कार को तेज रफ्तार से जाते देखा, उसके बारे में भी पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि पुलिस की टीमें सभी नेशनल हाईवे के पास ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालकर कार का पता लगाने में जुटी है।
मामले की जांच कर रहे सीआईए-1 के इंस्पेक्टर तरजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस तेजी से जांच में जुटी है। बता दें चलें कि गैंगवार में जान गंवाने वाला मनप्रीत छल्ला मृतक गैंगस्टर कुलबीर नरूआना के ग्रुप का मुख्य सदस्य था। गैंगस्टर नरूआना की जुर्म की दुनियां में इतनी धाक थी कि वह शिअद के बडे़ नेताओं की आंख का तारा बन गया था, लेकिन कुछ माह पहले गैंगस्टर नरूआना को उसके ही साथी मन्ना ने गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था।
चीन की बनी होती है 30 बोर की ऐसी पिस्तौल
30 बोर की ऐसी पिस्तौल चीन की बनी होती है, जो पंजाब में गैंगस्टरों की पहली पसंद बनी हुई है। पंजाब में जितने भी बडे़ गैंगवार के मामले सामने आए हैं, उनमें गैंगस्टरों ने ज्यादातर 30 बोर की पिस्तौल का ही प्रयोग किया था। 30 बोर की पिस्तौल की अन्य रिवॉल्वर के मुकाबले खासियत यह है कि एक बार लोड करने के बाद उसका ट्रिगर दबा दिया तो फायर मिस नहीं होता, जिसके चलते गैंगस्टर ऐसी पिस्तौल को पसंद करते हैं। यह काफी महंगा भी होता है। जिसे लाने के लिए गैंगस्टर हमेशा विदेशों से फंडिंग प्राप्त करते हैं।