फसल के मुआवजे के लिए धरने पर बैठे किसान
सब तहसील कार्यालय के सामने सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी
कहा-फसलों की गिरदावरी के बाद भी नहीं दी गई रकम
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर।
दो साल पहले शेरपुर क्षेत्र के सात गांवों में ओलावृष्टि से धान की फसल बर्बाद हो गई। धान की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां की तरफ से सब तहसील शेरपुर के समक्ष धरना लगाया गया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष अमरजीत सिंह और उपाध्यक्ष मलकीत सिंह ने कहा कि लंबे समय से समय की सरकारें किसानों और मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि 2016 में भारी ओलावृष्टि के कारण शेरपुर क्षेत्र के सात गांवों में धान की फसल की बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई थी। बेशक प्रशासन ने खराब हुई फसलों की गिरदावरी की लेकिन अब तक किसानों को खराब फसलों का मुआवजा नहीं मिला। इससे किसानों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। उन्होंने मांग की कि किसानों को जल्द से जल्द खराब हुई फसलों का मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने शेरपुर के बिजली दफ्तर को कातरों ग्रिड में शिफ्ट किए जाने पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि इसे किसी कीमत पर शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात गांवों के किसानों को सरकार ने बनता मुआवजा जल्द न दिया तो जत्थेबंदी की तरफ से संघर्ष तेज कर दिया जाएगा। मौके पर हरदयाल सिंह, रणजीत सिंह, निर्मल सिंह, देव सिंह, गुरचरण सिंह मौजूद थे।
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फोटो:06एसजीआरपी07: शेरपुर सब तहसील कार्यालय के समक्ष धरना देते हुए किसान।