स्कूल फीस के लिए बच्चों का रिजल्ट रोका
8 घंटे अभिभावकों की मेहनत से जारी किया रिजल्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी गोबिंदगढ़।
31 मार्च की सुबह खुशी-खुशी स्कूल की वार्षिक परीक्षा परिणाम देखने आए 40 के करीब विद्यार्थियों और अभिभावकों को उस समय भारी नमोशी का सामना करना पड़ा जब स्कूल द्वारा बढ़ाई वार्षिक फीस ना भरने वाले बच्चों का रिजल्ट रोक लिया। जबकि स्कूल के मालिक अनुसार उन्होंने किसी भी बच्चे का रिजल्ट रोके जाने से साफ इनकार किया है। मामला गोबिंदगढ़ के संत फरीद पब्लिक स्कूल का है। शनिवार की सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक सभी पेरेंट्स स्कूल में रिजल्ट के लिए स्कूल प्रबंधन से माथा पच्ची करते रहे। आखिर उन्होंने पुलिस स्टेशन मंडी गोबिंदगढ़ में एक लिखित शिकायत देकर पुलिस से मदद मांगी।
जहां से शाम 4 बजे स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को बच्चों का रिजल्ट तो सौंप दिया। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें साफ कर दिया है कि अगर वह स्कूल द्वारा बढ़ाई फीस मुताबिक फीस नहीं भर सकते वे अपने बच्चों को स्कूल से हटा सकते हैं। जिस पर पेरेंट्स ने आरोप लगाते कहा कि स्कूल प्रशाशन उनसे नजायज तौर पर ज्यादा फीस की मांग कर रहा है और वार्षिक फंड के तौर पर उनकी लूट की जा रही है। अभिभावकों ने कहा कि हमने स्कूल को सभी फीस बैंक चेक से डिपोजिट किए हैं। वह नए सिरे से बढ़ाई फीस को भरने के हक में नहीं हैं, हमने वही फीस रोकी है। मामले की शिकायत पिछले साल डिवीजनल कमिश्नर पटियाला तथा संबंधित विभागों को की जा चुकी है, जिसकी जांच चल रही है। पेरेंट्स ने पिछले साल डीसी फतेहगढ़ साहिब से एक आरटीआई के जरिये स्कूल फीसों का ब्योरा मांगा था, जिसकी जांच एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने की थी। जांच में पाया गया था कि स्कूल ने मनमर्जी की फीस वसूली है।
क्या कहना है स्कूल प्रिंसिपल का
स्कूल प्रिंसिपल वरिंदरजीत सिंह ने बताया कि सुबह पेरेंट्स रिजल्ट लेने आए थे लेकिन लेकर नहीं गए। समस्या फीस की नहीं हैं। पेरेंटस की कुछ समस्याएं थीं, जो बैठकर सुलझा ली हैं। हमने किसी का कोई रिजल्ट नहीं रोका। सारा रिजल्ट सौंप दिया है। कुछ पेरेंट्स के पैसे कम जमा थे, जिन्हें इस बारे बताया गया था। जिसमें मंथली फीस और एनुएल चार्ज पेडिंग थे। सभी पेरेंट्स ने एक हफ्ते के बीच फीस जमा करवाने का भरोसा दिया है।
फोटो कैप्शन:31जीबीजीपी05: मंडी गोबिंदगढ़ के संत फरीद पब्लिक स्कूल के बाहर रिजल्ट ना मिलने को लेकर रोष व्यक्त करते बच्चों के पेरेंट्स।