रोहतक और नोएडा
जत्थेदार मंड ने किया कौम के साथ धोखा: दादूवाल
कहा-बरगाड़ी मोर्चे को बिना किसी से पूछे समाप्त कर सरकार से किया समझौता
सुखबीर-मजीठिया पर बोले-विधानसभा को किया गुमराह, रद्द हो सदस्यता
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। बरगाडी कांड और बेअदबी मामलों में बरगाड़ी में लगाए गए मोर्चे को समाप्त करने के संबंध में सोमवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान सिख प्रचारक बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने कौम के साथ धोखा कर मोर्चे को बिना किसी से पूछे समाप्त कर दिया। इसके अलावा मंड ने डिक्टेटरशिप के तहत सरकार के साथ समझौता कर लिया, जो कौम को बर्दाश्त नहीं है। दादूवाल ने पूर्व उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधते हुए कहा कि जीजा साला ने झूठ बोलकर विधानसभा को गुमराह किया है। इसलिए जीजा साला की विधानसभा सदस्यता रद्द कर देनी चाहिए।
बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट को जिस दिन विधानसभा में पेश करना था, उससे एक दिन पहले मजीठिया ने ट्वीट कर कहा कि दादूवाल और कैप्टन की बैठक कर्नल के फार्म हाउस पर हो रही है और वहीं पर जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दादूवाल ने कहा कि कमीशन की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश होने से रोकने के लिए जीजा साला ने ऐसे घटिया हथकंडे अपनाए। अब साफ हो चुका है कि जीजा साला ने मिलकर विधानसभा को गुमराह करते हुए पंजाब के लोगों और सिख कौम को झूठ बोला। दादूवाल ने विधानसभा के स्पीकर से मांग की कि जीजा साला की विधान सभा सदस्यता रद्द की जाए। बरगाड़ी मोर्चा समाप्त करने के संबंध में दादूवाल ने कहा कि जत्थेदार ध्यान सिंह मंढ ने बिना किसी से पूछे सरकार से मिलकर जबरन मोर्चा समाप्त करने का अपने तौर पर निर्णय लिया है। इस निर्णय को कौम स्वीकार नहीं करेगी। जिसके चलते 18 दिसंबर को वह खुद सिख नेताओं और हमख्याली जत्थेबंदियों के साथ बैठक कर फिर से मोर्चा लगाने संबंधी अगली रणनीति बनाएंगे। दादूवाल ने कहा कि जत्थेदार मंड का भी उनके पास 20 दिसंबर को मिलने संबंधी मैसेज आया था, लेकिन वह उनको मिलेंगे नहीं। दादूवाल ने कहा कि मंड सिख कौम को जवाब दें कि बरगाड़ी मोर्चा किसके दबाव में आकर समाप्त कराया। उन्होंने कहा कि बेशक बरगाड़ी मोर्चे के कारण उनकी कुछ मांगे मानी गई हैं, लेकिन अगर मोर्चा जारी रहता तो उनकी मांगे जल्द पूरी हो सकती थी।