पेट्रोल पंप एसोसिएशन और ट्रांसपोर्टरों ने कीमतों को लेकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब में पड़ोसी प्रदेशों के मुकाबले पेट्रोल और डीजल रेट में असमानता को लेकर सोमवार भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री एंड बिजनेस के पदाधिकारियों ने पहुंच विरोध जताते हुए डीसी को ज्ञापन दिया। धरने के बाद अब यूनियन सूबे में पेट्रोल कंपनियों के डिपो पर पक्का धरना की तैयारी में जुट गई है।
पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन की तरफ से सीएम के नाम भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि यदि पड़ोसी सूबों के मुकाबले रेट कम नहीं किया तो पेट्रोल पंप बंद करने की नौबत आ सकती है। पेट्रोल पंप के मुख्य तीन ग्राहक है, किसान, ट्रांसपोर्टर और कारोबारी। ज्यादातर ट्रांसपोर्टर अब तेल पड़ोसी प्रदेशों से ले रहे हैं। वहीं पंजाब में आने से पहले चंडीगढ़ या फिर हरियाणा में तेल ले रहे हैं। इसका नतीजा है कि पंजाब में पेट्रोल और डीजल की सेल का ग्राफ नीचे जा रहा है। पड़ोसी प्रदेशों की सरहदों पर लगे पेट्रोल पंपों की हालत तो इससे भी खराब हो गई है।
भाकियू (लखोवाल) प्रदेश प्रधान अजमेर सिंह लखोवाल का कहना है कि कारोबारी, ट्रांसपोर्टर और किसान एक मंच पर आ चुके हैं। सरकार ने अब भी कोई फैसला नहीं लिया तो लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही पेट्रोल पंप कंपनियों के डिपो पर पक्का धरना दिया जाएगा। पंजाब सरकार की गलत नीति के कारण सब कुछ तबाह हो रहा है लेकिन सरकार कुछ करने के लिए तैयार नहीं है।