फतेहगढ़ साहिब में चुनाव से पहले सियासी दांवपेंच
शिरोमणि अकाली दल ने कांग्रेस विधायक नागरा पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया
नामांकन कराने वाले प्रत्याशियों की लिस्ट सोमवार को दोपहर तीन के बजाए रात 11 बजे जारी हुई
अमर उजाला ब्यरो
फतेहगढ़ साहिब। सूबे भर में 19 सितंबर को होने जा रहे पंचायत समिति और जिला परिषद् चुनावों से पहले जिले में सियासी दांवपेंच शुरू हो गए। अकाली दल उम्मीदवार कांग्रेस विधायक कुलजीत सिंह नागरा पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। जिसका एक कारण यह भी रहा है कि नामांकन भरने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट सोमवार दोपहर 3 बजे के बजाय रात को 11 बजे जारी हुई। इस अकाली दल नेा कई सवालिया निशान लगाए हैं। सूत्रों की माने तो मामला अब मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंच चुका है।
अकाली दल के आरोप हैं कि नागरा जिले के एकलौते ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने अपने हलके के ब्लाक समितियों तथा जिला परिषद् जोन में आते तकरीबन सभी अकाली उम्मीदवारों तथा उनके कवरिंग उम्मीदवारों के कागज भी रद्द करवा दिए हैं। बस्सी पठाना हलके के विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी के हलके में एक भी उम्मीदवार के कागजात रद्द नहीं हुए हैं। वहीं हलका अमलोह के विधायक काका रणदीप सिंह के हलके में भी केवल चार लोगों के कागजात रद्द किए गए हैं।
विधायक नागरा के हलका फतेहगढ़ साहिब के खेड़ा पंचायत समिति में सबसे अधिक 20 उम्मीदवारों के कागज रद्द हुए। हलके भर से 41 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे, जिनमें जिला परिषद् फतेहगढ़ साहिब से 13 व पंचायत समिति सरहिंद में 17 उम्मीदवारों के कागजात रद्द हुए। कुल मिलाकर नागरा के हलके में 50 और पूरे जिले में 54 उम्मीदवारों के कागाजात रद्द हुए हैं। हलका बस्सी पठाना के विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी के पंचायत समिति बस्सी व खमाणों में एक भी उम्मीदवार के कागज रद्द नहीं हुए। पूरे जिले में 54 उम्मीदवारों के कागजात खारिज हुए हैं।
उम्मीदवारों की लिस्ट देरी से जारी करने पर डीसी शिवदुलार सिंह ने बताया कि स्टेट इलेक्शन कमीशन के नियम मुताबिक काम किया जा रहा है। सोमवार दोपहर 3 बजे जारी होने वाली चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट रात 11 बजे जारी करने का मुख्य कारण यह रहा है कि खेड़ा पंचायत समिति के कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों में एतराज आए थे, जिनके कागजात सही नहीं थे, उन्हें दुरुस्त करने का समय दिया गया था, इसीलिए देरी हुई है। उन्होंने बताया 77 पंचायत समितियों और 10 जिला परिषद् जोन में 323 उम्मीदवार ने नामांकन भरे थे, जिसमें 54 रद्द हो गए हैं और 269 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।
बुरे अक्स वाले को उम्मीदवार बनने का हक नहीं: नागरा
विधायक कुलजीत सिंह नागरा का कहना है जहां जागरूक लोग होंगे वहां ऐसे परिणाम पहले ही सामने आ जाते हैं। किसी भी चुनाव में उम्मीदवार की अच्छी छवि उसकी पहचान होती है। अकाली दल ने पिछले 10 वर्षों में जहां शामलात जमीनों पर कब्जे किए या करवाए. उन लोगों को अपना उम्मीदवार बना लिया या फिर किसी पंचायत ने पंचायत का फंड हड़प लिया ऐसे लोगों के कागजात रद्द हुए हैं। इन्हीं लोगों के खिलाफ सरकारी विभागों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ,जहां कहीं भी एतराज सामने आए हैं, वहां चुनाव अधिकारियों ने कागज रद्द किए हैं।
कांग्रेस ने की लोकतंत्र की हत्या: बलजीत सिंह भुट्टा
पूर्व जिला परिषद् चेयरमैन बलजीत सिंह भुट्टा ने कहा कि अकेले फतेहगढ़ साहिब में संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं और लोकतंत्र की हत्या हुई है। अपनी हार के डर से कांग्रेस ने अकाली दल के उमीदवारों पर झूठे आरोप लगाकर उनके नामांकन पत्र रद्द करा दिए। देर रात योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने पर भुट्टा ने कहा कि सरकारी शह पर प्रशासन के अपने पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।
एक सुर में बोले अकाली नेता, अब जाएंगे हाईकोर्ट
फतेहगढ़ साहिब। फतेहगढ़ साहिब हलका में ज्यादातर शिअद उम्मीदवारों के कागजात रद्द करने से आहत पूर्व अकाली विधायक दीदार सिंह भट्टी, जिलाध्यक्ष स्वर्ण सिंह चनारथल, एसजीपीसी सदस्य करनैल सिंह पंजोली ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एकसुर में कहा कि जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। अकाली नेताओं ने आरोप लगाया किसी कांग्रेसी विधायक की शह पर प्रशासन ने अकाली दल के उम्मीदवारों के कागज बड़ी संख्या में रद्द किए हैं। यह सरासर लोकतंत्र का उल्लंघन है। जिलाध्यक्ष स्वर्ण सिंह चनारथल ने कहा नागरा ने शिअद उम्मीदवारों के कागज रद्द करवा कर अपनी हार मान ली है। शिअद नेताओं ने बताया वह विधायक नागरा के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मामला लेकर जाएंगे और शांतिमय ढंग से इंसाफ की लड़ाई लडे़ंगे।