पंजाब से बिहार शराब तस्करी का खेल चल रहा है। हालांकि अब इस खेल का पर्दाफाश हुआ है, जिससे हर कोई हैरान है। बिहार में शराब पर पाबंदी है। बावजूद इसके पंजाब से बिहार के लिए शराब की सप्लाई हो रही है। हैरत की बात यह है कि तस्करी के लिए सरकारी सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है। बिहार के लिए ट्रेन से शराब की तस्करी हो रही है।
अमृतसर से सियालदाह जा रही जलियांवालाबाग एक्सप्रेस (12380) की पेंट्री कार में जालंधर से एक व्यक्ति ने सेब की पेटियां रखने की बात कहकर शराब की पेटियां रखवा दीं। इसके बाद ट्रेन 4 राज्य व 4 बड़े रेलवे स्टेशन पार करके बिहार पहुंच गईं, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी को ट्रेन में शराब पड़े होने की भनक तक नहीं लगी। बिहार की सीमा में दाखिल होते ही पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन से जीआरपी बिहार की एस्कॉर्ट पार्टी ने ट्रेन को चेक किया तो पेंट्री कार से दो पेटी शराब बरामद हुई।
जीआरपी के पूछने पर पेंट्री स्टाफ ने बताया कि कोच में पेटियां रखने की इजाजत ट्रेन के चीफ इंस्पेक्टर टिकट (सीआईटी) ने दी थी। इसके बाद जीआरपी ने सीआईटी को बुलाया। सेब की पेटियों से शराब की बोतलें बरामद होने की बात पता चलते ही सीआईटी के होश उड़ गए। ट्रेन के सीआईटी बिश्वाजीत आचार्य और डीएन पासवान ने बताया कि जालंधर सिटी स्टेशन पर किसी व्यक्ति ने एक सीएमआई का नाम लेते हुए सेब की 2 पेटियां बोलकर ट्रेन में रखवाई थीं।
उसने सीएमआई का आदेश बताते हुए पेटियों को धनबाद स्टेशन पर उतारने की बात कही थी। उसने कहा था सीएमआई का कोई परिचित धनबाद स्टेशन पर पेटियां उतारकर ले जाएगा, लेकिन ट्रेन के धनबाद पहुंचने से पहले ही एस्काॅर्ट पार्टी ने पेटियां खोलकर चेक कर लीं और पूरे मामले का खुलासा हो गया। सीआईटी बिश्वाजीत आचार्य ने बताया कि वह पेटियों में शराब रखे होने की बात से पूरी तरह से अनजान थे।