रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार जारी है। इस बीच भारत सरकार की तरफ से एक सप्ताह में दो बार एडवाइजरी जारी की गई है कि जितने भारतीय मूल के लोग यूक्रेन में हैं, वह जल्द ही वतन वापसी कर लें। यानी यूक्रेन में खतरा बढ़ता जा रहा है लेकिन यूक्रेन में एक ऐसा भारतीय भी है, जो भारत सरकार की एडवाइजरी नहीं मान रहा। उनका कहना है कि कोई यूक्रेनियन भूखा न सोए। उन्होंने अपने होटल और पैलेस में लंगर लगा दिया है, जहां पर रोजाना एक हजार से अधिक लोग मुफ्त में भरपेट भोजन कर रहे हैं।
यूक्रेन ने इतना सब दिया, उसे कैसे छोड़ दूं
अमर उजाला से बातचीत में कुलदीप ने कहा कि कितना भी खतरा हो, वह यूक्रेन छोड़कर नहीं जाने वाले हैं, यहां के लोगों का दर्द है। लंगर के बारे में कुलदीप ने कहा कि यह सेवा शुरुआत में भारतीय छात्रों के लिए शुरू की गई थी। लेकिन बाद में उन्हें अपनी योजना बदलनी पड़ी।
अब यहां उस तरह कोई भारतीय छात्र नहीं हैं लेकिन जैसे-जैसे रूस अपने हमलों को बढ़ाता है, मैं देखता हूं कि कई यूक्रेनियन हर दिन भूखे रह रहे हैं। इसलिए मैंने उनके लिए रेस्टोरेंट में लंगर लगाने का फैसला किया। बढ़ते हमलों के बीच कुलदीप के परिवार वालों ने उन्हें रेस्टोरेंट बंद करके भारत लौटने की सलाह दी लेकिन उन्होंने यह नहीं सुना। कुलदीप ने कहा कि भारत की परंपरा उत्पीड़ित लोगों के साथ खड़े रहने की है। युद्ध क्यों चल रहा है, कौन सही है या कौन गलत, इसकी चिंता करने का समय नहीं है। मैं उन लोगों के मुंह में खाना डालने की कोशिश कर रहा हूं जो बिना भोजन के मर रहे हैं।