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नींबू ने करवाया सस्पेंड: कपूरथला जेल सुपरिंटेंडेंट ने मंगवाए 50 किलो नींबू, कैदी बोले- हमें तो एक नहीं मिला

Fri, 06 May 2022 06:55 PM IST
निवेदिता वर्मा महेश कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी/कपूरथला (पंजाब)

सार

जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कपूरथला जेल अधीक्षक गुरनाम लाल को कुप्रबंधन और कैदियों के लिए कथित तौर पर राशन की हेराफेरी के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है।
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निलंबित जेल सुपरिंटेंडेंट गुरनाम लाल। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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चिलचिलाती गर्मी में नींबू का ‘स्वाद’ चखना कपूरथला मॉडर्न जेल के सुपरिंटेंडेंट गुरनाम लाल को महंगा पड़ गया। जेल मंत्री हरजोत बैंस के आदेश पर एडीजीपी-जेल वरिंदर कुमार ने उन्हें पद से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, जेल सुपरिंटेंडेंट ने 50 किलो नींबू जेल में मंगवाए, लेकिन एक नींबू भी कैदियों को नसीब नहीं हुआ। कैदियों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर दी। एडीजीपी के आदेश पर डीआईजी जेल की ओर से एक मई को किए गए औचक निरीक्षण में जेल में राशन के अलावा अन्य कई जगहों पर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके चलते जेल सुपरिंटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया। 

एक मई को जांच करने पहुंचे थे डीआईजी जेल

इस पूरे गबन का खुलासा उस समय हुआ, जबकि कैदियों की ओर से मिल रही शिकायत के चलते एक मई को डीआईजी जेल कपूरथला से आठ किलोमीटर दूर स्थित थेह काजला में जालंधर-कपूरथला जिलों के लिए बनी मॉडर्न जेल में जांच करने पहुंचे। डीआईजी के साथ लेखा अधिकारी ने जांच में पाया कि सुपरिंटेंडेंट गुरनाम लाल ने 15 से 30 अप्रैल के बीच 50 किलो नींबू खरीदे थे। उस समय नींबू की कीमत 200 रुपये प्रति किलो से ऊपर थी। दूसरी ओर कैदियों ने दावा किया है कि रसोई में नींबू का कभी इस्तेमाल किया ही नहीं गया। 

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जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कपूरथला जेल अधीक्षक गुरनाम लाल को कुप्रबंधन और कैदियों के लिए कथित तौर पर राशन की हेराफेरी के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है। जेल अधिकारी ने अन्य अनियमितताओं के बीच 50 किलोग्राम नींबू की खरीद दिखाई थी, जबकि कैदियों ने दावा किया था कि नींबू जेल की रसोई में कभी इस्तेमाल नहीं किया गया था।  

आटे का भी गबन सामने आया

कैदियों की कई शिकायतों के बाद जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता खराब थी और जेल नियमावली में तय की गई मात्रा पर्याप्त नहीं थी। जेल में बन रही हर चपाती का वजन 50 ग्राम से कम था, जिससे संकेत मिलता था कि कई क्विंटल आटे का भी गबन हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल अधिकारी की तरफ से सब्जियों की खरीद में भी गड़बड़ी की गई है। जेल अधीक्षक ने पांच दिनों के लिए सब्जियां खरीदी दिखाई, लेकिन कैदी कम दिनों के लिए सब्जियां खरीदने का दावा कर रहे हैं। 

कर्तव्यों और जेल प्रशासन के प्रति पाया गया लापरवाह

जांच पैनल की ओर से जेल मंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में दवा की अनुपलब्धता, परिसर के खराब रखरखाव और मातहत अधिकारियों पर नियंत्रण की कमी का भी उल्लेख किया गया है। इस औचक जांच में यह भी पता चला कि जेल सुपरिंटेंडेंट का जेल प्रशासन पर नियमावली के अनुसार पूर्ण कंट्रोल नहीं था। अधिकारी को जेल में कुप्रबंधन और धन के उपयोग में गबन की इन रिपोर्टों के अलावा अपने कर्तव्यों और जेल प्रशासन के प्रति भी लापरवाह पाया गया है। सूत्रों की मानें तो गुरनाम लाल पर आरोप पत्र दायर किया जाएगा। उधर, जेल मंत्री हरजोत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कॉल उनके किसी सहायक ने उठाई और कहा कि मंत्री व्यस्त हैं, बात नहीं हो सकती है।

कपूरथला जेल सुपरिंटेंडेंट के निलंबन की पुष्टि करते हुए एडीजीपी-जेल वरिंदर कुमार ने बताया कि कपूरथला जेल के सुपरिंटेंडेंट के तौर पर शिवराज सिंह को चार्ज दिया गया हैं। जल्द ही नए सुपरिंटेंडेंट की तैनाती कर दी जाएगी।

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