संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। विदेश में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा द्वारा डॉक्टर अनिल जीत कंबोज से रंगदारी न मिलने पर 4 जुलाई को उनके क्लीनिक पर करवाई गई फायरिंग मामले में मोगा पुलिस ने अहम सफलता हासिल की है।
इस मामले में डॉक्टर पर फायरिंग करने के बाद आरोपियों को पनाह देने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी (डी) बालकृष्णन सिंगला ने बताया कि 4 जुलाई को डॉक्टर पर फायरिंग करने के बाद आरोपी गुरलाल सिंह, खुशप्रीत सिंह और गुरमनदीप सिंह फरार होकर फतेहगढ़ साहिब के गांव सोंढा चले गए थे। वहां गुरमनदीप सिंह सहित तीनों को पवनदीप कौर ने अपने घर में पनाह दी। गुरमनदीप सिंह और पवनदीप कौर पिछले 3-4 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे।
6 जुलाई की शाम मोगा के गांव भैनी में मोगा पुलिस व काउंटर इंटेलिजेंस की टीम द्वारा चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में तीनों बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ में तीनों को गोली लगी, जिनका इलाज चल रहा है। उनसे पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि फायरिंग के बाद वे गुरमनदीप सिंह की प्रेमिका पवनदीप कौर के पास गांव सोंढा गए थे, जहां उसने उन्हें छिपने में मदद की। पुलिस ने इस सुराग के आधार पर पवनदीप कौर को मोगा जिले के गांव जनेर के बस अड्डे के पास से किसी वाहन का इंतजार करते समय गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आरोपियों को पनाह देने का केस दर्ज कर लिया है। इस केस में विदेश में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा को भी नामजद किया गया है, जिसने अपने गुर्गों के जरिये डॉक्टर पर हमला करवाया था। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।