पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी हैं। गुरुवार की रात जमकर कोहरा पड़ा। इससे शुक्रवार सुबह खेतों में सफेद चादर बिछी दिखाई दी। शुक्रवार को सारा दिन धूप खिली रही। वहीं सर्द हवाओं के कारण दिन में भी लोग कंपकंपाते रहे। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार कोहरा पड़ने से गेहूं और जौ की फसल को फायदा होगा। वहीं आलू और चना व सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।
शुक्रवार सुबह हलका बल्लूआना के गांव पंजावा, रायपुरा, गोबिंदगढ़, सैयदावाली, ताजा पट्टी व झूमियांवाली आदि में खेतों में कोहरा जम गया। सरसों की फसल पर बर्फ जमने के कारण पौधे नीचे झुक गए।
तूड़ी के ढेरों पर कोहरे की सफेद चादर बिछी दिखाई दी। स्थानीय किसान गुरवंत सिंह, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार तथा विनोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह खेतों में बर्फीली सफेद चादर से कश्मीर की वादियों जैसा नजारा देखने को मिला।
जिला कृषि अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि कोहरे से सरसों और चने की फसल को नुकसान हो सकता है। आलू की फसल के पत्ते पूरी तरह से नष्ट जाते हैं। उन्होंने बताया कि चौड़े पत्ते वाली फसलों पर कोहरा जम जाता है, जिससे फसलों को नुकसान होता है। गेहूं व जौ की फसलों के लिए यह कोहरा बेहद लाभदायक होगा। उन्होंने सुझाव दिया है कि कोहरे के प्रभाव को कम करने के लिए फसलों को लगातार पानी देते रहें।