पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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कोरोना काल में सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को सुविधाजनक बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को पंजाब 'स्मार्ट कनेक्ट योजना' के दूसरे चरण का वर्चुअल आगाज किया। योजना के तहत सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के 80,000 विद्यार्थियों को स्मार्टफोन बांटे गए।
राज्यभर में 845 स्कूलों में विभिन्न मंत्रियों, विधायकों और अन्य मेहमानों ने स्मार्ट फोन बांटे। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बहलोलपुर में योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने एलान किया कि विद्यार्थियों को बांटे जाने वाले कुल 1,75,443 स्मार्टफोन में से बाकी 45,443 फोन भी इस महीने के अंत तक मुहैया करवा दिए जाएंगे। पहले चरण में 50,000 विद्यार्थियों को स्मार्टफोन प्राप्त हुए थे। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार 87.84 करोड़ रुपये खर्च कर 88,059 लड़के और 87,284 लड़कियों को डिजिटल पक्ष से सशक्त कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार को 22 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी एक करोड़ रुपये की लागत से 877 टेबलेट मुहैया करवाए जा रहे हैं। इससे पहले भी 2.99 करोड़ रुपये खर्च कर 373 प्राइमरी स्कूलों को 2625 टेबलेट प्रदान किए गए थे। इस मौके पर विधायक नवतेज सिंह चीमा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा मोहम्मद तैय्यब, मोहाली के डीसी गिरीश दियालन और एसएपी मोहाली सतिंदर सिंह, डीपीआई (सेकेंडरी शिक्षा) सुखजीत पाल सिंह और डीपीआई (एलिमेंट्री शिक्षा) ललित किशोर घई समेत अन्य लोग मौजूद रहे हैं।
कोविड काल में वरदान बनी योजना
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जब पंजाब कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषण पत्र में स्मार्टफोन देने का वादा किया था तो उस समय पर यह बात कोई नहीं जानता था कि कोविड काल में इन फोनों की छात्रों को खास जरूरत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि पंजाब के नौजवान आधुनिक प्रौद्योगिकी में महारत हासिल करें, जिससे डिजिटल शिक्षा को प्रभावी ढंग से बढ़ाया जा सके। स्मार्टफोन और टेबलेट शिक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए विद्यार्थियों को सक्षम बनाएंगे।