पंजाब एग्रो में तीन करोड़ रुपये का गेहूं घोटाला सामने आया है। फिरोजपुर के बार्डर रोड स्थित जोसन गोदाम से 24 हजार 657 गेहूं के बैग कम पाए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बनती है।
उधर, डिप्टी कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने बताया कि पंजाब एग्रो के डीएम से गोदाम में पड़ी गेहूं का रिकार्ड मंगवाया है। मामले की तहकीकात की जाएगी, जो अधिकारी आरोपी पाया गया उसके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ डीएफसी सिकंदर सिंह ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं था। इस संबंधी वो हेड क्वार्टर को सूचित करेंगे।
आरटीआई कार्यकर्ता मोहन लाल ने बताया कि गेहूं घोटाले की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई। लाल ने बताया कि पंजाब एग्रो का 2013-14 व 2014-15 का गेहूं जोसन गोदाम में पड़ा था। यहां पड़े गेहूं के बैगों की जांच की गई तो 24 हजार 657 गेहूं के बैग कम पाए गए। इनकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये है।
लाल ने बताया कि उस समय पंजाब एग्रो के इंस्पेक्टर बीर सिंह के पास उक्त गोदाम की देखरेख की जिम्मेदारी थी, लेकिन पिछले साल सड़क दुर्घटना में बीर सिंह की मौत हो गई। जब इस गोदाम का चार्ज किसी और इंस्पेक्टर को दिया गया तो उसने यहां बैग कम होने की बात कह कर चार्ज नहीं लिया।
उस समय पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इनमें इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह, तरसेम सिंह, हरप्रीत सिंह, अंग्रेज, तरुण जैन शामिल थे और डीएम कमेटी की अगुवाई कर रहे थे। कमेटी ने गोदाम की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई और गोदाम में गेहूं पूरा होने की बात कही। हालांकि जब आरटीआई में जानकारी मांगी गई तो उक्त गोदाम में तीन करोड़ रुपये का गेहूं कम बताया गया।
सूत्रों का कहना है कि पंजाब एग्रो के फिरोजपुर में चार गोदाम हैं। अभी सिर्फ एक गोदाम में तीन करोड़ रुपये का गेहूं कम पाया गया है, यदि सभी गोदाम की जांच की जाए तो कई हजार गेहूं के बैग कम पाए जाएंगे।