लंबे समय से वह रेगुलर करने समेत अन्य मांगों को लेकर संघर्षरत हैं लेकिन पंजाब सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहे हैं। अब कोरोना संकट में तो उनका और भी बुरा हाल है। घर का चूल्हा ठंडा हो चुका है लेकिन कोई भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। वह तंग आ चुका है, इसलिए ही वह पेट्रोल लेकर टावर पर चढ़ा।
जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक वह टावर पर ही रहेगा और नीचे उसकी लाश ही आएगी। टावर के नीचे खड़े एसडीएम वीपीएस बाजवा, डीएसपी सब-डिवीजन हरिंदर सिंह गिल, डीईओ एलिमेंटरी गुरभजन सिंह लासानी और टीचर यूनियन के नेता उसे मनाने में जुटे रहे।
करीब पांच घंटे बाद दस बजे के करीब डीसी कपूरथला दीप्ति उप्पल से उसकी बैठक करवा मसले का समाधान करने का आश्वासन दिया गया तो वह नीचे उतरा। डीएसपी सब-डिवीजन हरिंदर सिंह गिल ने कहा कि उसकी मांगें मानने का अधिकार सरकार के पास है।
उसे समझाकर एडीसी सामान्य राहुल चाबा से बात करवाकर मांगें नोट करवा दी हैं, जिन्होंने उसकी मांगें पंजाब सरकार के पास पहुंचाने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है।
बता दें कि निशांत कुमार पहले भी ऐसे ही पानी की टंकी पर चढ़कर हाई-प्रोफाइल ड्रामा कर चुका है। बठिंडा में भी वह काफी दिन तक टंकी पर चढ़कर मांगों के समर्थन में जुटा रहा। उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। जिसे लेकर थाना सिटी में केस दर्ज हुआ है।
घर चलाने के लिए निशांत स्कूल टाइम के बाद जालंधर में ऑटो भी चलाता रहा है। कपूरथला के कई रेस्टोरेंट पर होम डिलीवरी का काम भी किया और अब कोरोना संकट के दौर में उसने रेहड़ी पर सब्जी तक बेची।