हॉकी खिलाड़ी लखविंदरपाल सिंह खैरा का कहना है कि मौजूदा दोनों टीम परफेक्ट हैं, दोनों टीमों में लय है और उत्साह है। सेमीफाइनल और फाइनल मैच में शक्तिशाली टीम पहुंचती है। विश्व में हॉकी में हॉलैंड, इंग्लैंड, जर्मन, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया व पाकिस्तान की टीम काफी नामवर हैं। ऐसी टीमों के साथ भारतीय टीमों के लगातार मैच चलते रहने चाहिए। इससे टीमों में उत्साह और चोटी की टक्कर होती रहेगी और खेल में सुधार होगा।
अर्जुन अवार्डी हॉकी खिलाड़ी गगनअजीत सिंह का कहना है कि मैदान में पहलवान भिड़ते हैं तो जीत एक की होती है। लड़कियों की टीम आठवें स्थान से सीधा चौथे स्थान पर आ गई है। उनको उत्साहित करने की जरूरत है। अगर यह उत्साह अगले दो साल चलता है तो अगला ओलंपिक भारत के नाम होगा।
वहीं पुरुषों की टीम में बहुत अच्छा तालमेल है। उनको अगले ओलंपिक तक सुविधाओं की कमी नहीं आनी चाहिए। जो खिलाड़ी वर्तमान में हैं, उनकी पीठ थपथपानी चाहिए। अब एक क्रांति की शुरुआत है और सरकारों को चाहिए कि वह इस क्रांति का हिस्सा बने और हॉकी का प्रमोशन गांव से लेकर शहर तक करें।