फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalandhar News: राजस्थान फीडर में तैर रही बोतलें निकालने गए दो युवकों की मौत

Sat, 06 May 2023 10:42 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
विज्ञापन
विज्ञापन
दलदल में फंसने से हुई मौत, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले दोनों युवक प्लास्टिक, लोहा एकत्र करने का करते थे कार्य
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मुक्तसर। जिले के गांव भुल्लर के पास राजस्थान फीडर में बनी दलदल में फंसने से दो युवकों की मौत हो गई। मृतक युवक शहर की एक झुग्गी-झोपड़ी में रहते थे और सड़कों से प्लास्टिक, लोहा इत्यादि एकत्र कर आगे बेचने का कार्य करते थे। फीडर में दोनों ने कुछ बोतलें तैरती देखी तो बेचने के लिए उन्हें निकालने को उतर गए, मगर दलदल में फंसने से दोनों की मौत हो गई।
जानकारी अनुसार मुक्तसर की जोगियां वाली बस्ती निवासी 20 वर्षीय गोपी पुत्र धन्ना नाथ तथा उसका साथी हनुमान बस्ती का रहने वाला 14 वर्षीय बब्बू पुत्र बीरा नाथ दोनों कागज, प्लास्टिक, लोहा आदि एकत्र कर बेचते थे। भीम क्रांति संस्था के संस्थापक अशोक महिंदरा ने बताया कि शनिवार को भी रोजाना की तरह दोनों अपने अन्य साथियों सहित प्लास्टिक की बोतलें एकत्र करने निकले थे। उन्हें भुल्लर गांव के पास राजस्थान फीडर नहर में कुछ बोतलें तैरती हुई दिखाई दी। नहर में पानी कम था। गोपी व बब्बू अपने अन्य चार साथियों को किनारे पर खड़ा कर खुद नहर में उतर गए, मगर वे नहर में आगे कुछ ही दूरी पर बनी दलदल में फंस गए। उन्होंने काफी शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोगों ने फीडर में कूद उन्हें बचाने का प्रयास किया। मगर वे धीरे-धीरे दलदल में धंसते चले गए। कुछ लोगों ने थाना सदर पुलिस को भी सूचना दे दी। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। कुछ देर बाद पुलिस की मदद से क्रेन के जरिये दोनों युवकों को तलाशने का कार्य शुरू हुआ और दोनों के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रशासन व सरकार झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाले बच्चों की शिक्षा की ओर दे ध्यान : महिंदरा
भीम क्रांति संस्था के संस्थापक अशोक महिंदरा ने बताया कि पहले भी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन व सरकार को चाहिए कि झुग्गियों में रहने वाले बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाकर उन्हें शिक्षित करने पर जोर दे, ताकि वह बेकार के काम-धंधे छोड़ कर पढ़ाई में ध्यान लगाएं। महिंदरा के अनुसार मृतकों का परिवार इतना गरीब है कि इनके पास मृतक युवकों के संस्कार तक के लिए रुपये नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन व राज्य सरकार से परिवार की आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई है, ताकि वे मृतकों का अंतिम संस्कार कर सकें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें