खेलों में भारत का नाम रोशन करने वाले व पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्डी करतार सिंह ने राज्य सरकार के खेलों के प्रति उदासीन रवैये पर चिंता व्यक्त की है।
उनका कहना है कि राज्य में महज 40 कोच हैं तो ऐसे में एशियन गेम्स में खिताब जीतना कैसे मुमकिन है। कुश्ती खिलाड़ियों की तैयारी करवाने के लिए राज्य में महज एक कोच है। करतार सिंह वीरवार को जालंधर के प्रेस क्लब में अपने पद से रिटायर्ड होने से पहले प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करने पहुंचे थे। वे वर्दी में थे और उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने का यह उनका अंतिम दिन है।
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए करतार सिंह ने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों की नहीं कोच की काफी कमी है। अच्छे खिलाड़ी तैयार करने के लिए कोच का होना बेहद जरूरी है। वे खुद अपने दम पर कई खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। अगर राज्य सरकार खेलों में पंजाब का नाम ऊंचा उठाना चाहती है तो विभाग में अच्छे कोच का होना बेहद जरूरी है। ओलंपिक खेलों में जीत तभी दर्ज हो सकती है जब खिलाड़ियों को अच्छी ट्रैनिंग मिल सके।
उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से उनका नाम गिनीज बुक आफ द रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की पेशकश की गई है। पत्रकारों के साथ बातचीत में करतार सिंह ने बताया कि उन्हें कई अवार्ड मिल चुके हैं।
करतार सिंह इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस के पद से 31 अक्टूबर को सेवा मुक्त हुए हैं। वे पूर्व डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स भी रह चुके हैं। इस दौरान उनके साथ रमन कुमार तथा वरियाम सिंह संधू भी मौजूद थे।
ये मिले हैं अवार्ड
-1987 में पद्मश्री अवार्ड मिला
-1982-1983 में अर्जुन अवार्ड मिला
-1978 में पंजाब सरकार ने महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड दिया
-2002 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल मिला
-फिला 2003 में कुश्ती में फेयर प्ले अवार्ड मिला
-2010 में फिला नई दिल्ली से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला
-18 चैंपियनशिप जीतीं