शहर में दल खालसा, शिरोमणि अकाली दल पंच प्रधानी, सिख फेडरेशन यूके तथा शिव सेना के बीच टकराव बने बोर्ड से पैदा हुए तनाव के बाद बुधवार को पुलिस अधिक चौकस दिखाई दी।
शहर में जहां बोर्ड लगे थे, वे क्षेत्र पुलिस छावनी में तबदील रहे। यही नहीं शहर के अधिकांश क्षेत्रों में भी पुलिस फोर्स तैनात रही और चप्पे-चप्पे पर चेकिंग चलती रही। उधर, शिव सेना के प्रणुख विनय जालंधरी ने पंजाब सरकार से शहर में अमन बहाल रखने के लिए 1 नवंबर को निकाले जाने वाले आजादी मार्च पर रोक लगाने की मांग की है।
मंगलवार को नवंबर 84 सिख कत्लेआम में इंसाफ न मिलने के कारण सिख जत्थेबंदियों ने 1 नवंबर को रोष मार्च निकालने के लिए होर्डिंग लगाए थे। इन में लिखे लफ्जों पर शिवसेना ने एतराज जताया था। इस वजह से मंगलवार दिनभर तनाव था। जहां शाम को पुलिस ने दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया था वहीं, शिवसेना की आपत्ति वाले शब्दों को भी हटा दिया था।
एडीसीपी नरेश डोगरा का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है। मामले की जांच चल रही है। शिवसेना के उत्तरी भारत के प्रमुख विनय जालंधरी ने कहा कि शांति बहाल रखना सरकार की जिम्मेवारी है। राज्य सरकार को एक नवंबर को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माडल टाउन से निकलने वाले मार्च पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
पूरे शहर में हुई चेकिंग
अब दोनों पक्षों में यह विवाद पुलिस के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। त्योहार का सीजन है और पुलिस फोर्स पहले ही व्यस्त है। ऊपर से हुए इस मामले ने पुलिस को परेशान कर दिया है। बुधवार को पुलिस कमिश्नर राम सिंह की हिदायतों पर पूरे शहर में चेकिंग चलती रही।
देहाती क्षेत्रों से भी फोर्स मंगवाई
पता चला है कि इस घटना के बाद पुलिस ने देहाती क्षेत्रों से भी फोर्स मंगवाई है ताकि स्थिति को निरंतर रखा जा सके। पुलिस फोर्स ने ज्योति चौक, बीएमसी, पीएपी और अन्य चौक में नाकाबंदी कर गाड़ियों की तलाशी ली ताकि बाहर से लोग शहर में दाखिल होकर कोई हल्ला न कर सकें। हालांकि पुलिस इस चेकिंग को त्योहारों से जोड़ रही है।