जलालाबाद में थाना सिटी पुलिस ने दुष्कर्म के झूठे मामले में अमीर लोगों को फंसाकर ब्लैक मेल करने के आरोप में दो पत्रकार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें एक पंजाबी और दूसरा एक हिंदी समाचार का पत्रकार है। उक्त आरोपियों ने अपने गिरोह में लड़कियों को शामिल किया है, इन्हीं लड़कियों के जरिये लोगों को फंसाकर लोगों से ठगी मारते थे, कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। उधर, थाना सिटी पुलिस ने शनिवार को दोनों पत्रकार समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीएसपी जसपाल सिंह ढिल्लों व थाना सिटी के प्रभारी लेख राज के मुताबिक पंजाबी अखबार का पत्रकार हरप्रीत सिंह (वकील) पुत्र प्रेम कुमार और हिंदी समाचार का पत्रकार गुलशन कुमार पुत्र अशोक कुमार पत्रकारिता की आड़ में लोगों को दुष्कर्म के झूठे मामलों में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करते थे। आरोपियों ने गिरोह में सुंदर लड़कियों को शामिल किया हुआ है, इनकी मदद से लोगों को फंसाते थे और लाखों रुपये ऐंठते थे। ये लंबे समय से लोगों से ब्लैकमेल करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पीड़ित प्रदीप कुमार पुत्र दीवान चंद वासी धर्म नगरी अबोहर ने शिकायत दी थी कि उसे अपने जाल में फंसाकर उससे एक लाख रुपये ठगे हैं। पुलिस ने प्रदीप को साथ लेकर छापा मारा तो आरोपी हरप्रीत सिंह, गुलशन कुमार व पंकज सोनी पुत्र सुखदेव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के पास से एक लाख की नगदी और एक लाख रुपये का लिखा राजीनामे का शपथपत्र बरामद किया है। बाकी के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस धरपकड़ कर रही है। पुलिस ने प्रदीप के बयान पर आरोपी हरप्रीत सिंह, गुलशन कुमार, पंकज सोनी, हरजिंदर सिंह, मंजीत रानी, कोड़ो बाई व राजो बाई के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जब पत्रकारों ने सवाल किया कि गिरोह में जिले का डीएसपी रैंक का अधिकारी भी शामिल है, तो डीएसपी जसपाल सिंह ने कहा कि इस संबंध में सारी स्थिति आरोपियों को रिमांड में लेकर पूछताछ के बाद स्पष्ट होगी। जब पूछा गया कि इस गिरोह द्वारा तीन और लोगों को अपना शिकार बनाया है, इस पर भी डीएसपी ने कहा कि पूछताछ दौरान सब कुछ सामने आ जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले टीवी पत्रकार गुरदर्शन सिंह वासी फिरोजपुर पर फरीदकोट पुलिस ने एक डाक्टर से एक करोड़ रुपये की ब्लैकमेलिंग के आरोप में मामला दर्ज कर चुकी है। उक्त पत्रकार ने डाक्टर के अस्पताल में उसकी गैरमौजूदगी में किसी मामले संबंधी वीडियो तैयार कर उससे एक करोड़ रुपये मांग रहा था।