जालंधर। पंजाब में हुए विधानसभा चुनावों में शिरोमणि अकाली दल की हार इस वजह से हुई क्योंकि अकाली दल पंथक हितों से विमुख हो गया था। सिख कौम की तरक्की और पंथ मर्यादा को बनाए रखने का दावा करने वाला शिरोमणि अकाली दल जमीनी वास्तविकता से दूर हो गया था। यही वजह थी कि जनता ने चुनाव में उसे नकार दिया है। यह कहना है सिख तालमेल कमेटी के प्रधान तेजिंदर सिंह परदेसी, हरपाल सिंह चड्ढा, हरप्रीत सिंह नीटू, गुरविंदर सिंह सिद्धू ने किया।
इन नेताओं ने कहा कि गुरु साहिबान की जीवनी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के ज्ञान को जन जन तक पहुंचाने, पंथक मर्यादा की रक्षा करने और कौम की रक्षा करने का दावा करने वाला शिरोमणि अकाली दल मूल विचारों से दूर होता गया। यही वजह रही कि इस बार समाज ने पार्टी को स्वीकार नहीं किया। इस दौरान कमेटी के इन नेताओं ने पंजाब की सत्ता में आई आम आदमी पार्टी से कौम की रक्षा और पंथक प्रचार के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। इस मौके पर उनके साथ हरप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह सातनामियां, हरपाल सिंह पाली चड्ढा, लखबीर सिंह लक्की, गुरदीप सिंह लक्की, मनमिंदर सिंह भाटिया मौजूद थे।