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जालंधर : अभिभावकों ने फीस देने में जताई असमर्थता तो स्कूल प्रबंधन ने गहनों और कपड़ों पर कसा तंज

Tue, 06 Apr 2021 07:56 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
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जालंधर में अभिभावकों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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जालंधर में कुछ निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों को परेशान किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां स्कूल प्रबंधक फीस लेने के मुद्दे पर खुद को सही बता रहे हैं, वहीं अभिभावक इन स्कूलों पर मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को अभिभावकों ने प्रेसवार्ता की। इसमें अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधकों पर तंज कसने का भी आरोप लगाया है।

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चेतन वर्मा ने कहा कि उन्होंने स्कूल से फीस न दे पाने की मजबूरी जताई थी। स्कूल प्रबंधकों को कहा था कि कोरोना की वजह से कामकाज नहीं चल पा रहा है। इस पर स्कूल के एक प्रतिनिधि ने तंज कसते हुए कहा कि आपकी पत्नी भी वेल ड्रेस है और कान में सोने की बाली पहनी हैं और। आप फीस क्यों नहीं दे सकते। 

उन्होंने कान की बाली उतारकर स्कूल वालों से कहा कि इससे स्कूल फीस पूरी होती है तो वह इन्हें देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट ने जबरन फीस वसूली पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद अभिभावकों को फीस के नाम पर परेशान किया जा रहा है। डीसी के आदेश थे कि निजी स्कूल प्रबंधक कोर्ट के आदेश मानें लेकिन स्कूलों की मनमानी नहीं रुक रही है।
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अभिभावकों ने आरोप लगाया कि पैसे वसूलने के लिए स्कूल प्रबंधक उनके गहनों और कपड़ों पर टिप्पणी कर रहे हैं व सोशल मीडिया पर उनके अकाउंट खंगाल रहे हैं। स्कूल प्रबंधक उन्हें कह रहे हैं कि दुबई व अन्य स्थानों पर घूमने के पैसे हैं तो फीस भरने के लिए भी पैसे लेकर आओ। 

वकील गुरजीत काहलों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश है कि कोई भी स्कूल फीस न देने पर किसी बच्चे को ऑनलाइन या स्कूल जाकर क्लास अटेंड करने से नहीं रोक सकता। स्कूल बच्चों का रिजल्ट भी नहीं रोक सकता हैं लेकिन स्कूल प्रबंधक फीस न भरने वालों को व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव कर रहे हैं। वह कोर्ट जाएंगे। अभिभावकों ने कहा कि अगर मनमानी को रोका न गया तो शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे।

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