नेशनल स्कूल गेम्स का उद्घाटन करने पहुंचे शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा को वापसी के दौरान अध्यापकों की जत्थेबंदियों ने घेर लिया।
अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपते विभाग में रेगुलर करने की मांग की। ज्ञापन देने वाली जत्थेबंदियों में शहीद किरणजीत कौर एक्शन यूनियन और सर्व शिक्षा अभियान के सदस्य शामिल थे।
उनकी ओर से सिर्फ दो महिलाओं हरप्रीत कौर और संयोग बाला ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। यूनियन की प्रधान हरप्रीत कौर ने कहा कि बठिंडा रैली के दौरान अध्यापकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
उन पुलिस वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बठिंडा रैली में शामिल अध्यापकों पर जो केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए।
उन्होंने कहा कि वे शिक्षा विभाग में साल 2003 से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक अध्यापकों को रेगुलर नहीं किया गया है। अध्यापकों को खुद का हक लेने के लिए परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के प्रधान लवतार सिंह, महासचिव तिलक राज, उपप्रधान जय प्रकाश ने कहा कि शिक्षा मंत्री को अध्यापकों को रेगुलर करने का ज्ञापन सौंपा गया है।
विभाग में कई सालों से अध्यापक काम कर रहे हैं, मगर उन्हें पक्का नहीं किया जा है। उन्होंने कहा कि 22 नवंबर को जालंधर में अध्यापकों की प्रदेश स्तरीय रैली निकाली जाएगी।
शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि रैलियां न करो, पर्चे नहीं होंगे। अध्यापकों का काम बच्चों का पढ़ाना है न की रैली करना। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को रेगुलर करने की बात पर चर्चा की जा रही है।