सुरेश रैना के फुफेरे भाई का अंतिम संस्कार हुआ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माधोपुर के थरियाल में 19 अगस्त की रात डकैतों के हमले में मारे गए क्रिकेटर सुरेश रैना के फुफेरे भाई का अंतिम संस्कार बुधवार को गांव थरियाल में कर दिया गया। रैना के फूफा की मौत 20 अगस्त को हुई थी। वहीं, रैना की बुआ आशा रानी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जो निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं।
मंगलवार देर शाम एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना और बुधवार सुबह एसआईटी टीम ने माधोपुर एरिया में जांच की लेकिन 15 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। उधर, डीजीपी दिकर गुप्ता द्वारा गठित की गई एसआईटी की टीमों ने गुरदासपुर, तरनतारन और अमृतसर में भी छापे मारे।
सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा था कौशल
मृतक कौशल अपने कैरियर को लेकर बड़ा उत्साही था। फिलहाल वह पिता के साथ ठेकेदारी करता था लेकिन साथ ही सिविल सर्विस की भी तैयारी कर रहा था। अंतिम संस्कार में शामिल सभी लोगों का कहना था कि वह परिवार का सहारा बनने वाला था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
चचेरे भाई ने दी मुखाग्नि
मृतक कौशल कुमार का छोटा भाई अपिन भी हमले में बुरी तरह घायल हुआ है। मेडिकल अनफिट अपिन अभी तक पुलिस को बयान भी दर्ज नहीं करवा पाया है। इसी कारण उसे श्मशान घाट नहीं ले जाया गया। कौशल की देह को उनके चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर पहुंचे हलका विधायक ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू तथा ग्रामीणों की ओर से सरकार और पुलिस से अपील की गई कि हमलावरों को यथाशीघ्र पकड़ा जाए और पीड़ित परिवार की भी सरकार की ओर से सुध ली जाए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रैना की बुआ का परिवार पहले ही इस वारदात के जख्मों के असहनीय घावों की पीड़ा झेल रहा था कि कौशल की मौत बड़ा झटका दे गई। बीते दिनों परिवार के सदस्य मृतक अशोक कुमार की अस्थियां विसर्जित करने के लिए हरिद्वार गए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि एक और बुरी खबर उनका इंतजार कर रही है। परिजनों के लौटने पर बुधवार को कौशल का अंतिम संस्कार किया गया और परिजन फिर अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार जाएंगे।