केंद्र सरकार भी मान चुकी है कि पंजाब से अकाली-भाजपा सरकार का सफाया होने जा रहा है। इसी वजह से प्रदेश सरकार की ओर से कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के लिए राज्यपाल के पास भेजे गए ऑर्डिनेंस को वापस कर दिया गया है।
राज्यपाल भी चाहते हैं चुनाव के समय कोई ऐसा फैसला न किया जाए जो पंजाब के भविष्य के खिलाफ हो। यह बात प्रदेश कांग्रेस उप-प्रधान सुनील जाखड़ ने रविवार को गांव दौलतपुरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
जाखड़ ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों का कर्ज माफ करने और हर घर से एक को सरकारी नौकरी की जो मुहिम चलाई है उसे हर घर तक पहुंचाना युवाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर नए बिल लाए जा रहे हैं। उन्हें लगता है कि उन पर भी राज्यपाल अपनी मोहर नहीं लगाएंगे।
यदि अकाली-भाजपा सरकार की नीयत पंजाब के युवाओं के प्रति साफ होती तो राज्यपाल कभी मंत्रिमंडल के फैसलों पर मोहर लगाने में देरी न करते। कांग्रेस ने प्रण किया है कि वह पंजाब के किसानों का कर्ज माफ करेंगे जिस पर अमली जामा पहनाने के लिए कांग्रेस ने केंद्रीय नेतृत्व में काम भी शुरू कर दिया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इस संबंध में प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद अकाली दल में बौखलाहट देखने को मिल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री पंजाब के मुद्दों पर प्रधानमंत्री से मिलने के लिए इसलिए कतराते हैं कि कहीं वह नशा माफिया पर शिकंजा कसने के लिए सीबीआई को आदेश न दे दें।