सर्व शिक्षा अभियान के अधीन कार्यरत रमसा दफ्तरी कर्मचारियों ने मांगों के लिए शुक्रवार को एक दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
इस वजह से मुक्तसर, मलोट, दोदा, लंबी, गिद्दड़बाहा पर मुकम्मल तौर पर कार्य ठप रहा। यूनियन के प्रांतीय महासचिव दलदिंजर सिंह सरां ने बताया कि रमसा दफ्तरी कर्मचारी बीते 12 साल से काम कर रहे हैं। वहीं राज्य सरकार उनकी सेवाएं रेगुलर करने के बजाए लारे लगा रही है।
उनकी ओर से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा के साथ भी बैठक की जा चुकी है। हर बार भरोसा तो दिया जाता है, लेकिन नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि 10 अगस्त की कैबिनेट बैठक में उन्हें रेगुलर करने का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर 10 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता तो 13 अगस्त को गुलामी तोड़ रैली की जाएगी।
यह रैली उस जगह पर की जाएगी, जहां पर मुख्यमंत्री स्वतंत्रता दिवस के मौके ध्वज फहराने आएंगे। इसके बाद वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे। इस दौरान हरप्रीत सिंह, विकास कुमार , गुरप्रीत सिंह, हरराय, गगनदीप सिंह, अजयपाल सिंह, कुलदीप कुमार, जसपाल सिंह, अनुराधा, रविंदर कौर, मोनिका रानी, मधूबाला, राजिंदर कौर, जमुना देवी, अंजू बाला और निशा चराया आदि मौजूद थे।