उपमुख्यमंत्री द्वारा पिछले कई महीनों से गांवों के विकास पर 6000 करोड़ रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में आज गांवों में विकास कार्य न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों में गंदे पानी की निकासी की समस्या के चलते ग्रामीण अनेकों बीमारियों से ग्रस्त हैं। गांवों में गलियों का निर्माण कार्य पिछले कई साल से नहीं हुआ। पीने के पानी की किल्लत से गर्मी के मौसम में ग्रामीणों में हाहाकार है। ये बातें प्रदेश कांग्रेस के उपप्रधान व मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने अबोहर के गांव दौलतपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
जाखड़ ने कहा कि इस बार भी नरमे की फसल पर सफेद मक्खी का प्रकोप है, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते कृषि विभाग इसके खात्मे के लिए कारगर कदम नहीं उठा रहा। इस कारण किसानों में अनिश्चितता का माहौल है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल संगत दर्शनों के जरिए विकास पर लगने वाला पैसा अपने जत्थेदारों में लूटा रहे हैं।
इस कारण ग्रामीण इलाका विकास से पिछड़ गया है। भीषम गर्मी में पीने के पानी की किल्लत से अकाली-भाजपा सरकार के दावे की पोल खोल कर रख दी है। नरेगा मजदूरों को कई-कई महीनों तक मजदूरी के पैसे नहीं मिल रहे जिस कारण गरीबों में बेचैनी है। इस अवसर पर जिला यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान संदीप जाखड़, राजेश जाखड़, गांव के सरपंच प्रताप सिंह बराड़, पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह, नंबरदार मोहन लाल, हरविंदर सिंह बराड़, जीत सिंह ऐंचला, राजविंदर सिंह ऐंचला राजा, एडवोकेट बलकरण सिंह, राजिंदर सिंह उपस्थित थे।