पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगें न मानने के विरोध में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की कलम छोड़ हड़ताल बुधवार से शुरू हो गई। इससे सरकारी कार्यालयों में कामकाज बंद रहा। लोगों को बिना काम करवाए ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
यूनियन ने अपनी मांगों के लिए दो दिन तक काले बिल्ले लगाकर काम किया था। कलम छोड़ हड़ताल 17 जून तक जारी रहेगी। इस वजह से सरकारी बाबू कुर्सियों पर बैठे तो नजर आए, लेकिन कोई कामकाज नहीं करेंगे। मिनिस्टीरियल यूनियन के कर्मचारी बुधवार से शुक्रवार तक कलम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को भी कबीर जयंती की सरकारी छुट्टी होने की वजह से कोई काम नहीं होगा।
हड़ताल और छुट्टी होने की वजह से लोगों का लगातार छह दिनों तक सरकारी कामकाज नहीं हो पाएगा। हड़ताल की वजह से बुधवार को दफ्तरों में पहुंचे लोगों को काफी परेशान का सामना करना पड़ा। यूनियन के प्रधान सुखजीत सिंह ने कहा कि तहसील और जिला प्रशासकीय कांप्लैक्स से सभी कार्यालयों मेें काम पूरी तरह से ठप रहा और सभी कर्मचारी हड़ताल मेें शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल के बाद भी अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे संघर्ष को और तेज करेंगे। इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। सुखजीत सिंह ने कहा कि यूनियन लंबित डीए की किस्ते जारी करने के लिए, पे-कमीशन को तुरंत लागू करने और अन्य मांगों पर लेकर संघर्ष कर रही है।