यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर अधिकारी व कर्मचारी शुक्रवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। बैक मुलाजिमों ने बठिंडा रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एडीबी शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया गया। मुक्तसर यूनिट के कनवीनर ओपी तनेजा की अध्यक्षता में बैंक मुलाजिमों ने रोष रैली भी की।
इस दौरान केंद्र सरकार व वित्त मंत्री की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने एडीबी शाखा से कोटकपूरा चौक, मलोट रोड तक मार्च किया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण ही यूनियन को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को बूड़ा गुज्जर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा से नई दाना मंडी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा तक रोष मार्च किया जाएगा।
अबोहर: बैंकों हड़ताल के पहले दिन ही उपभोक्ता परेशान
बैंक कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। पहले दिन ही हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एटीएम बूथों में पैसे निकालने वालों की भीड़ लगी रही। पंजाब एंड सिंध बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक संजय धीमान ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगें न मानी तो 11 से 13 मार्च तक भी तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी और 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
धीमान ने बताया कि सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन में नियमों अनुसार संशोधन किया जा रहा है लेकिन बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 के बाद वेतन में कोई संशोधन नहीं किया है। बैंक कर्मचारी संगठनों व सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। इसके बाद भी वेतन संशोधन सहित अन्य मांगें आज भी अधूरी पड़ी हैं।